चूरू शहर में मोहर्रम की सातवीं तारीख पर हजरत इमाम हसन और इमाम हुसैन की शहादत की याद में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। नई सड़क क्षेत्र से देर रात पारंपरिक मेहंदी का जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्थानों पर छबील और नियाज का वितरण किया गया तथा पूरे मार्ग पर धार्मिक माहौल देखने को मिला।
ढोल-ताशों और अखाड़ों के साथ निकला जुलूस
कौम काजियांन के पूर्व सदर जाकिर झारियावाला के अनुसार, मेहंदी का जुलूस नई सड़क स्थित याकिल पीरजी के आवास से ढोल-ताशों और अखाड़े की प्रस्तुतियों के साथ रवाना हुआ। जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरा।
रास्ते में हुआ स्वागत और छबील-नियाज का वितरण
जुलूस के दौरान आयोजकों ने मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारियों एवं अतिथियों का साफा पहनाकर और मालाएं पहनाकर स्वागत किया। वार्ड नंबर 10 में पार्षद इस्माइल भाटी और उनके साथियों ने अकीदतमंदों के लिए छबील और नियाज का वितरण किया।
अखाड़े के खिलाड़ियों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
जुलूस में कालू उस्ताद के अखाड़े के खिलाड़ियों, बच्चों और युवाओं ने पारंपरिक युद्धक कलाओं और विभिन्न करतबों का प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों को देखने के लिए मार्ग में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। देर रात जुलूस मस्जिद नीलगरान के पास पहुंचकर संपन्न हुआ।






