चूरू, नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 की घोषणा के बाद चूरू जिले में चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं।
गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार (आपणी योजना) में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलक्टर अभिषेक सुराणा की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई।
बैठक में निर्वाचन गतिविधियों, चुनाव कार्यक्रम और आदर्श आचार संहिता के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई।
आचार संहिता की पालना के निर्देश
जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक सुराणा ने राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों से आदर्श आचार संहिता की अक्षरशः पालना करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
चूरू में 4.76 लाख मतदाता
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम अर्पिता सोनी ने बताया कि जिले के सभी नगरीय निकायों में कुल 4,76,859 मतदाता हैं।
इनमें:
- 2,46,135 पुरुष मतदाता
- 2,30,716 महिला मतदाता
शामिल हैं।
9 और 11 सितंबर को होगा मतदान
चूरू जिले में नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में होंगे।
पहले चरण में 9 सितंबर को नगरपालिका राजगढ़, नगर परिषद चूरू, नगरपालिका रतननगर और नगरपालिका छापर में मतदान होगा।
दूसरे चरण में 11 सितंबर को नगर परिषद सरदारशहर, नगरपालिका तारानगर, साहवा, रतनगढ़, राजलदेसर और बीदासर में मतदान कराया जाएगा।
मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा।
सदस्य पदों की मतगणना 14 सितंबर 2026 को होगी।
27 अगस्त से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
सदस्य पदों के लिए 27 अगस्त को लोक सूचना जारी होगी।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है।
इसके बाद:
- 1 सितंबर: नामांकन पत्रों की संवीक्षा
- 3 सितंबर: दोपहर 3 बजे तक अभ्यर्थिता वापसी
- 4 सितंबर: निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन
- 9 सितंबर: प्रथम चरण मतदान
- 11 सितंबर: द्वितीय चरण मतदान
- 14 सितंबर: मतगणना
अध्यक्ष पद का चुनाव 21 सितंबर को
नगर निकाय अध्यक्ष पदों के निर्वाचन के लिए 15 सितंबर को लोक सूचना जारी होगी।
16 सितंबर को नामांकन, 17 सितंबर को संवीक्षा और 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक अभ्यर्थिता वापसी होगी।
18 सितंबर को ही अभ्यर्थिता वापसी की समय सीमा समाप्त होने के तुरंत बाद निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन किया जाएगा।
अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होते ही मतगणना की जाएगी।
22 सितंबर को उपाध्यक्ष का चुनाव
उपाध्यक्ष पदों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया 22 सितंबर को होगी।
सुबह 10 बजे बैठक शुरू होगी और 11 बजे तक नामांकन पत्र प्रस्तुत किए जा सकेंगे।
11:30 बजे से नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी। दोपहर 2 बजे तक अभ्यर्थिता वापस ली जा सकेगी।
जरूरत पड़ने पर दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। इसके तुरंत बाद मतगणना की जाएगी।
लाउडस्पीकर के लिए अनुमति जरूरी
एडीएम अर्पिता सोनी ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लेना जरूरी होगा।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
इसी तरह प्रत्येक रैली, जुलूस और सार्वजनिक सभा के लिए उपखंड मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।
चुनाव खर्च की सीमा तय
नगरीय निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की गई है।
नगर परिषद सदस्य: 2.50 लाख रुपए
नगरपालिका सदस्य: 1.50 लाख रुपए
प्रत्याशियों को निर्धारित सीमा और निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार ही चुनाव खर्च करना होगा।
नई योजनाओं और विकास कार्यों पर रोक
आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले स्वीकृत और चल रहे विकास कार्य जारी रह सकेंगे।
हालांकि नई योजनाएं, नए कार्यादेश और नए विकास कार्य प्रतिबंधित रहेंगे।
मतदान के लिए पहचान दस्तावेज जरूरी
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान के दौरान मतदाताओं की पहचान के लिए आयोग द्वारा निर्धारित वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक मूल दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
मतदाताओं को मतदान केंद्र पर पहचान संबंधी दस्तावेज साथ लेकर जाना होगा।
दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था
दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए जिले और प्रत्येक उपखंड स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर और रैंप की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि दिव्यांग मतदाताओं को मतदान में परेशानी न हो।
एसपी ने बताई सुरक्षा व्यवस्था
बैठक में एसपी निश्चय प्रसाद एम. ने चुनाव के दौरान कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा पुलिस प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी।
प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने पर जोर दिया।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में पीआरओ सूर्यकान्त कुमावत, डॉ. प्रशान्त शर्मा, शिवप्रकाश शर्मा, कांग्रेस से असलम खोखर, भाजपा से भास्कर शर्मा, नरेंद्र काछवाल और सुरेश सारस्वत, आप से हरिओम जोशी, दीपाराम और डॉ. राहुल कस्वां सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।






