दोनों प्रमुख दलों ने सूची रोकी, दावेदारों को फोन पर मिल रहे संकेत
चूरू। नगरीय निकाय चुनाव को लेकर जिले के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख नजदीक आने के बावजूद दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से आधिकारिक प्रत्याशी सूची जारी नहीं की गई है।
टिकट को लेकर दावेदारों और उनके समर्थकों की नजरें अब पार्टी नेतृत्व के फैसले पर टिकी हुई हैं।
फोन पर दिए जा रहे गुप्त संकेत
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पार्टी नेतृत्व सार्वजनिक रूप से सूची जारी करने के बजाय चुनिंदा दावेदारों को सीधे फोन कर तैयारी रखने और सिंबल लेने के संकेत दे रहा है।
इस रणनीति ने टिकट के दावेदारों की बेचैनी और बढ़ा दी है। जिन नेताओं को अब तक फोन नहीं पहुंचा है, उनके खेमों में नाराजगी और असमंजस का माहौल बताया जा रहा है।
बगावत और भितरघात का डर
सूची सार्वजनिक नहीं करने के पीछे बगावत और भितरघात की आशंका को बड़ा कारण माना जा रहा है। टिकट कटने की संभावना से नाराज कई दावेदार अपने समर्थकों के साथ आगे की रणनीति बनाने में जुटे हैं।
कुछ दावेदारों के निर्दलीय या तीसरे मोर्चे के तौर पर चुनाव मैदान में उतरने की संभावनाओं को लेकर भी सियासी चर्चाएं तेज हैं।
अंतिम रात में बनेंगे नए समीकरण
नामांकन की अंतिम तारीख से ठीक पहले की रात राजनीतिक दलों और दावेदारों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
देर रात तक चलने वाली सियासी जोड़-तोड़, बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं के बीच कई सीटों पर समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है।
कल सामने आएगी तस्वीर
अब सभी की नजरें नामांकन के अंतिम दिन पर हैं। प्रत्याशियों के नाम सामने आने के साथ ही यह साफ होगा कि किसे पार्टी का आधिकारिक समर्थन मिलता है और कौन बगावत का रास्ता चुनता है।
चूरू जिले की कई सीटों पर टिकट वितरण के बाद बड़े सियासी उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।






