आरक्षण लॉटरी के बाद टिकट के दावेदारों की बढ़ी उम्मीदें, वार्डवार समीकरण साधने में जुटे राजनीतिक दल
चूरू। जिले में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर गुरुवार को सभापति और अध्यक्ष पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के साथ ही जिले की स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चूरू नगर परिषद का सभापति पद इस बार अनारक्षित ओपन घोषित किया गया है। इसके बाद दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों में अध्यक्ष पद के दावेदारों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
प्रशासन की ओर से जारी आरक्षण सूची के अनुसार चूरू के अलावा तारानगर, राजलदेसर, रतनगढ़ और रतननगर नगरपालिकाओं के अध्यक्ष पद भी अनारक्षित ओपन रखे गए हैं। वहीं बीदासर और छापर नगरपालिकाओं के अध्यक्ष पद अनारक्षित महिला वर्ग के लिए निर्धारित किए गए हैं।
इसके अलावा सुजानगढ़ और राजगढ़ नगरपालिकाओं में अध्यक्ष पद ओबीसी ओपन, सरदारशहर में ओबीसी महिला तथा साहवा नगर पालिका में एससी ओपन वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
आरक्षण तय होते ही दावेदारों की सक्रियता बढ़ी
अध्यक्ष पदों के आरक्षण की स्थिति साफ होने के बाद राजनीतिक दलों में संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय स्तर पर वार्डवार समीकरणों को साधने और मजबूत दावेदारों की तलाश को लेकर रणनीति बनाए जाने की संभावना है।
चूरू नगर परिषद का सभापति पद सामान्य यानी अनारक्षित ओपन होने से इस बार विभिन्न वर्गों के दावेदार चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर सकते हैं। इससे टिकट की दावेदारी को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों में मुकाबला भी बढ़ने की उम्मीद है।
पिछली बार ओबीसी महिला के लिए आरक्षित था पद
पिछले नगर निकाय चुनाव में चूरू नगर परिषद सभापति का पद ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित था। उस चुनाव में कांग्रेस का बोर्ड बना था और पायल सैनी सभापति चुनी गई थीं। इस बार पद अनारक्षित ओपन होने से राजनीतिक समीकरण बदले हुए नजर आ सकते हैं।
चूरू में 60 वार्ड, 95,882 मतदाता
चूरू नगर परिषद क्षेत्र में कुल 60 वार्ड हैं। यहां कुल 95,882 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 49,346 पुरुष और 46,536 महिला मतदाता शामिल हैं। चुनाव के लिए कुल 106 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
आरक्षण लॉटरी के बाद अब स्थानीय राजनीति में संभावित प्रत्याशियों और वार्डवार चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज होने की उम्मीद है। आगामी चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए दावेदारों की सक्रियता और राजनीतिक दलों की रणनीति पर सभी की नजर रहेगी।






