चूरू। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को नारी शक्ति सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशभर की महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान विकसित राजस्थान के संकल्प में महिलाओं की भागीदारी, सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता के साथ महिला-केंद्रित योजनाओं पर चर्चा की गई।
इसी क्रम में चूरू जिला मुख्यालय स्थित पेंशनर्स भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें मुख्यमंत्री के संवाद कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा, जिला परिषद सीईओ श्वेता कोचर, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
महिलाओं की भागीदारी से विकास को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक भागीदारी बढ़ने से परिवार, समाज और प्रदेश की प्रगति को नई गति मिलती है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से सशक्त और विकसित राजस्थान का संकल्प मजबूत हो रहा है।
पात्र महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने कहा कि महिला सशक्तीकरण और विकास कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी समाज के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन का प्रयास है कि महिलाओं और बालिकाओं के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
कलेक्टर ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आता है।
उन्होंने महिलाओं से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने तथा अपने आसपास की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
स्वयं सहायता समूहों से आजीविका के अवसर
जिला परिषद सीईओ श्वेता कोचर ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और महिला सशक्तीकरण योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के कौशल को आजीविका के अवसरों में बदलने के लिए निरंतर काम किया जा रहा है। इस दौरान स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों, स्वरोजगार, कौशल विकास और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
राजीविका की महिलाएं और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में राजीविका डीपीएम दुर्गा ढाका, नरेश कुमार, सीमा गहलोत, रमेश शर्मा, राजेन्द्र प्रजापत और चंद्रकला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
इसके अलावा राजीविका से जुड़ी महिलाएं, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
कार्यक्रम में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया गया।






