चूरू की गौशालाओं को सरकार की मदद, 510 से अधिक गोवंश का संरक्षण
चूरू। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में गौवंश संरक्षण और गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए संचालित सहायता योजनाओं का लाभ जिले की गौशालाओं को मिल रहा है। गौ संवर्धन निधि नियम, 2016 और संशोधित नियम, 2021 के तहत गोपालन विभाग के माध्यम से गौशालाओं को 9 माह की सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
इस सहायता से गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण और आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में मदद मिल रही है। चूरू की नंदिनी गौपुत्र गौ सेवा समिति भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर रही है।
510 से अधिक गोवंश का हो रहा संरक्षण
नंदिनी गौपुत्र गौ सेवा समिति के कोषाध्यक्ष सुरेश कुमार सैनी के अनुसार गौशाला राजस्थान सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1958 के तहत पंजीकृत है। वर्तमान में गौशाला में 510 से अधिक गोवंश का संधारण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की सहायता योजना के तहत गौशाला को नियमित सहायता राशि मिल रही है। इससे बड़ी संख्या में संरक्षित गोवंश के लिए आवश्यक भरण-पोषण की व्यवस्थाएं करने में सहयोग मिलता है।
बड़े और छोटे गोवंश के लिए अलग सहायता दर
योजना के तहत वर्तमान में बड़े गोवंश के लिए 50 रुपये और छोटे गोवंश के लिए 25 रुपये प्रतिदिन की दर से सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
सुरेश सैनी के अनुसार यह सहायता राशि प्रत्येक वित्तीय वर्ष में दो चरणों में, वर्ष में दो बार उपलब्ध कराई जाती है। नियमित आर्थिक सहायता से गौशाला में चारे, पानी और पशु आहार सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को संचालित करने में मदद मिल रही है।
गौशालाओं को आर्थिक संबल मिलने का दावा
सुरेश सैनी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार की गौ-हितार्थ सहायता राशि से गौशाला में संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण की जिम्मेदारी निभाने में मदद मिल रही है।
उनके अनुसार नियमित सहायता से गौशालाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है और गोवंश के संरक्षण एवं देखभाल के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने में सहयोग मिल रहा है।






