चूरू निकाय चुनाव: लाउडस्पीकर पर सख्ती, रात 10 बजे बाद पूर्ण रोक
चूरू। नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के मद्देनजर जिला प्रशासन ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर सख्त नियम लागू किए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक सुराणा ने राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1963 की धारा 5 के तहत जिले के सभी शहरी क्षेत्रों में निषेधाज्ञा जारी की है।
यह आदेश 19 अगस्त 2026 से निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा।
सुबह 6 से रात 10 बजे तक ही धीमी आवाज में अनुमति
आदेश के अनुसार वाहनों पर लगाए गए ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल केवल सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक धीमी आवाज में किया जा सकेगा।
किसी सार्वजनिक सभा या जुलूस में लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने के लिए संबंधित क्षेत्र के उपखंड मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
अनुमति के लिए आवेदन करते समय वाहन का नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और वाहन की किस्म भी बतानी होगी।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्ण प्रतिबंध
उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
इसके अलावा चुनाव कार्यालय पर लाउडस्पीकर लगाने और उपयोग करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार पर भी रोक
मतदान समाप्ति के लिए निर्धारित समय से पहले की 48 घंटे की अवधि में लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
इसके साथ ही अस्पताल, स्कूल और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में भी लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूर्ण रोक रहेगी।
बिना अनुमति लाउडस्पीकर चलाया तो होगी कार्रवाई
निर्धारित समय के बाहर या संबंधित सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना लाउडस्पीकर चलाने पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
ऐसे मामलों में स्थानीय पुलिस अधिकारी और जिला परिवहन अधिकारी लाउडस्पीकर, उससे जुड़े उपकरण और वाहन जब्त कर सकते हैं।
साथ ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1963 के प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों, मरीजों और बुजुर्गों की परेशानी को देखते हुए फैसला
प्रशासन ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान अत्यधिक ध्वनि से सामान्य लोगों की शांति, छात्रों की पढ़ाई तथा वृद्ध और बीमार लोगों को परेशानी हो सकती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए चुनाव अवधि में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए ये प्रतिबंध लागू किए गए हैं।






