चूरू पुलिस का ‘सम्बल’ कार्यक्रम, अकेले बुजुर्गों को मिलेगी सुरक्षा और मदद
चूरू। जिले में अकेले रहने वाले, वृद्ध और जरूरतमंद बुजुर्गों की सुरक्षा, सम्मान और भावनात्मक सहयोग के लिए पुलिस ने ‘सम्बल’ कार्यक्रम शुरू किया है।
इस नवाचार का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को यह भरोसा दिलाना है कि वे अकेले नहीं हैं और पुलिस हर समय उनके साथ खड़ी है। कार्यक्रम के तहत बुजुर्गों को सिर्फ कानूनी सुरक्षा देने के बजाय उनके साथ लगातार संपर्क स्थापित कर भावनात्मक संबल और जरूरत के समय त्वरित सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
बीट अधिकारी करेंगे बुजुर्गों की पहचान
इस व्यवस्था के तहत जिले के प्रत्येक बीट अधिकारी अपने क्षेत्र में अकेले रहने वाले ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को चिह्नित करेंगे, जिन्हें नियमित पुलिस सहयोग की आवश्यकता है।
पुलिस की ओर से बुजुर्गों की जरूरत और संवेदनशीलता के आधार पर उनकी स्थिति का आकलन किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय पर मदद उपलब्ध कराई जा सके।
‘सुबह की घंटी’ से फोन पर लिया जाएगा हालचाल
अत्यधिक संवेदनशील बुजुर्गों के लिए ‘सुबह की घंटी’ नाम से विशेष पहल शुरू की गई है।
इसके तहत बीट पुलिसकर्मी सप्ताह में एक निश्चित दिन फोन कर संबंधित बुजुर्ग का हालचाल जानेंगे। यदि किसी बुजुर्ग को सहायता की जरूरत होगी तो पुलिसकर्मी आवश्यक मदद उपलब्ध कराने के लिए तत्काल कार्रवाई करेंगे।
चार स्तरों पर होगी सुरक्षा व्यवस्था
‘सम्बल’ कार्यक्रम के तहत बुजुर्गों की सुरक्षा व्यवस्था को चार प्रमुख स्तरों पर केंद्रित किया गया है।
- बुजुर्गों की पहचान
- नियमित संपर्क
- जोखिम का पूर्व आकलन
- आपातकालीन सहायता
पुलिस का प्रयास रहेगा कि किसी भी संभावित खतरे की जानकारी पहले ही सामने आ जाए और जरूरत के अनुसार समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इन शिकायतों को मिलेगी प्राथमिकता
बुजुर्गों से जुड़ी धमकी, उत्पीड़न, घरेलू विवाद, संपत्ति विवाद, चोरी, साइबर धोखाधड़ी, संदिग्ध गतिविधियों और आकस्मिक स्वास्थ्य संकट जैसी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
इससे बुजुर्गों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस तक पहुंच बनाने में भी मदद मिलेगी।
बीट अधिकारियों की होगी जवाबदेही
व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए बीट अधिकारियों को अपने क्षेत्र के बुजुर्गों से किए गए संपर्क, प्राप्त शिकायतों और की गई कार्रवाई की संक्षिप्त मासिक रिपोर्ट तैयार करनी होगी।
इस रिपोर्ट की नियमित समीक्षा थानाधिकारी और वृताधिकारी स्तर पर की जाएगी। वहीं पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से त्रैमासिक स्तर पर कार्यक्रम की कार्यप्रणाली की निगरानी की जाएगी।
बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मी होंगे सम्मानित
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की समीक्षा के दौरान कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
इस पहल के जरिए चूरू पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, व्यक्तिगत संपर्क, भावनात्मक सहयोग और पुलिस जवाबदेही को एक मजबूत व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया है।






