चूरू में पंचायत चुनाव के दौरान लाउडस्पीकर पर रोक, आदेश जारी
चूरू, पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 को देखते हुए जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर निषेधाज्ञा जारी की है।
जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक सुराणा ने राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1963 की धारा 5 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। यह आदेश चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावी रहेगा।
निषेधाज्ञा चूरू जिले के उन सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगी, जो शहरी निकायों की सीमा से बाहर हैं।
वाहन पर लाउडस्पीकर के लिए समय निर्धारित
आदेश के अनुसार किसी भी वाहन पर लगे ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही किया जा सकेगा। इस दौरान भी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल धीमी आवाज में करना होगा।
किसी सार्वजनिक सभा या जुलूस में ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग करने के लिए संबंधित क्षेत्र के उपखंड मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
अनुमति के लिए वाहन की जानकारी देनी होगी
लाउडस्पीकर को वाहन पर लगाकर उपयोग करने की अनुमति लेने के लिए संबंधित व्यक्ति या राजनीतिक दल को सक्षम अधिकारी के समक्ष आवेदन करना होगा।
आवेदन में वाहन संख्या, रजिस्ट्रेशन संख्या और वाहन का प्रकार दर्ज करना अनिवार्य होगा।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूरी तरह प्रतिबंध
आदेश में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर अथवा अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग वर्जित रहेगा।
निर्धारित समय के बाहर या संबंधित अधिकारियों की लिखित अनुमति के बिना लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने पर कार्रवाई की जाएगी।
लाउडस्पीकर और वाहन जब्त हो सकते हैं
नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर स्थानीय पुलिस अधिकारी और जिला परिवहन अधिकारी लाउडस्पीकर, उससे जुड़े उपकरण और संबंधित वाहन को जब्त कर सकते हैं।
इसके साथ ही उपयोगकर्ता के खिलाफ राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1963 के प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने चुनाव अवधि के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभाव को देखते हुए यह निषेधाज्ञा जारी की है।
