चूरू रेलवे स्टेशन पर भिक्षावृत्ति करते 11 साल के बालक का रेस्क्यू
चूरू। रेलवे स्टेशन पर चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल अधिकारिता विभाग और रेलवे पुलिस (RPF) के संयुक्त तत्वावधान में भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
शनिवार शाम स्टेशन परिसर में की गई जांच-पड़ताल के दौरान टीम को करीब 11 वर्षीय एक नाबालिग बालक भिक्षावृत्ति करते हुए मिला। टीम ने तुरंत बालक को अपने संरक्षण में लेकर रेस्क्यू किया।
बालक को संरक्षण में लेकर पूछताछ शुरू
चाइल्ड हेल्पलाइन एवं बाल अधिकारिता विभाग के परियोजना अधिकारी पन्ने सिंह ने बताया कि RPF के सहयोग से स्टेशन परिसर में जांच की गई थी। इसी दौरान बालक को भिक्षावृत्ति करते हुए पाया गया।
रेस्क्यू के बाद बालक को फिलहाल विभागीय संरक्षण में रखा गया है। उसकी काउंसलिंग और पूछताछ की जा रही है।
किसी के भिक्षावृत्ति करवाने के लिए छोड़ने की आशंका
अधिकारियों के अनुसार विभाग को ऐसी आशंका और सूचना मिली है कि किसी व्यक्ति द्वारा बालक को स्टेशन पर भिक्षावृत्ति करवाने के उद्देश्य से छोड़ा गया हो सकता है।
हालांकि, इस आशंका की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। टीम पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
जांच के दौरान बालक के परिवार, स्टेशन तक पहुंचने की परिस्थितियों और भिक्षावृत्ति से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच के बाद होगी नियमानुसार कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच में यदि बाल संरक्षण से जुड़े नियमों और प्रावधानों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति या व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरी कार्रवाई भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत की गई है। अभियान के माध्यम से रेलवे स्टेशन सहित सार्वजनिक स्थानों पर भिक्षावृत्ति में शामिल बच्चों की पहचान कर उन्हें संरक्षण और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।






