चूरू। पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 को लेकर सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक सुराणा ने निर्वाचन प्रक्रिया, आदर्श आचार संहिता और चुनावी व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जानकारी दी।
उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से निर्वाचन प्रक्रिया में सहयोग करने तथा आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों की अक्षरश: पालना सुनिश्चित करने की अपील की।
आचार संहिता की पालना पर जोर
जिला निर्वाचन अधिकारी अभिषेक सुराणा ने कहा कि संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का पालन होना चाहिए।
उन्होंने राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों से निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी बनाए रखने में सहयोग करने का आह्वान किया।
सुराणा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्वाचन संबंधी दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और मतदाताओं को निर्भीक होकर मतदान के लिए प्रेरित करने की अपील की।
चूरू में तीसरे और चौथे चरण में होंगे चुनाव
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के घोषित कार्यक्रम के अनुसार चूरू जिले में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव तीसरे और चौथे चरण में होंगे।
तीसरे चरण में बीदासर, राजगढ़, चांदगोठी (मुख्यालय राजगढ़), सिद्धमुख, भानीपुरा, सरदारशहर एवं सरदारशहर पूर्व पंचायत समितियों के निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होंगे।
वहीं चौथे चरण में सुजानगढ़, तारानगर पूर्व, तारानगर पश्चिम (भालेरी), मुख्यालय तारानगर, रतनगढ़, चूरू एवं चूरू उत्तर (मुख्यालय चूरू) सहित संबंधित पंचायत समितियों के निर्वाचन क्षेत्रों में निर्वाचन कराया जाएगा।
नामांकन से मतगणना तक की जानकारी
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को नाम निर्देशन, मतदान और मतगणना तक की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।
इसके साथ ही महत्वपूर्ण प्रपत्रों, चरणवार निर्वाचन गतिविधियों, पोस्टर-पैंफलेट सहित प्रचार सामग्री के प्रावधान, मतदान दलों की व्यवस्थाओं तथा मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं की जानकारी दी गई।
मतदाता सूची, नए मतदाताओं के पंजीकरण और नाम हटाने की प्रक्रिया के साथ मतदाता पहचान पत्र (EPIC) तथा निर्धारित 11 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों के बारे में भी बताया गया।
रैली और सभा के लिए पूर्व अनुमति जरूरी
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम अर्पिता सोनी ने चुनाव कार्यक्रम और आदर्श आचार संहिता के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आचार संहिता लागू होने से पहले स्वीकृत और चल रहे विकास कार्य जारी रह सकते हैं, लेकिन नई योजनाएं, नए कार्यादेश और नए विकास कार्य प्रतिबंधित रहेंगे।
लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।
इसी तरह प्रत्येक रैली, जुलूस और सार्वजनिक सभा के लिए पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा।
सरपंच-वार्ड पंच का चुनाव बैलेट पेपर से
एडीएम अर्पिता सोनी ने बताया कि ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच का निर्वाचन बैलेट पेपर के माध्यम से होगा।
वहीं पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों का निर्वाचन ईवीएम के माध्यम से कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राजस्थान पंचायतीराज संशोधन अधिनियम के तहत इस बार चुनाव लड़ने के लिए संतान संबंधी बाध्यता/प्रतिबंध समाप्त कर दिया गया है।
प्रत्याशियों की व्यय सीमा में संशोधन
बैठक में प्रत्याशियों के लिए निर्धारित अधिकतम चुनावी व्यय सीमा की भी जानकारी दी गई।
- जिला परिषद सदस्य: 3 लाख रुपए
- पंचायत समिति सदस्य: 1.50 लाख रुपए
- सरपंच: 1 लाख रुपए
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और आदर्श आचार संहिता का पालन करते हुए चुनाव प्रक्रिया में सहयोग की अपेक्षा की।
बैठक में बीजेपी से नारायण बेनीवाल, आईएनसी से असलम खोखर, डॉ. राहुल कस्वां, इंद्राज, शिवप्रकाश शर्मा, अजय सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और निर्वाचन कार्मिक मौजूद रहे।
