चूरू। जिले में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने अब अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति पर फोकस बढ़ा दिया है। पुलिस ने चिन्हित बड़े अपराधियों की अवैध संपत्तियों को जब्त और कुर्क करने की कार्रवाई तेज कर दी है।
पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम. के अनुसार, जिले के 26 बड़े अपराधियों की करीब 3 करोड़ 61 लाख रुपए की अवैध संपत्तियों को कार्रवाई के दायरे में लिया गया है।
कोर्ट में 26 इस्तगासे पेश
पुलिस के अनुसार, संपत्ति संबंधी कार्रवाई के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत न्यायालय में कुल 26 इस्तगासे पेश किए गए हैं।
इनमें से 19 मामले वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन हैं, जबकि पांच मामलों का न्यायालय द्वारा निस्तारण किया जा चुका है।
किस थाने से कितने मामले?
पुलिस की कार्रवाई जिले के कई थाना क्षेत्रों तक फैली हुई है।
सरदारशहर और राजगढ़ से 4-4 इस्तगासे, बीदासर से 3 तथा रतनगढ़, रतननगर और तारानगर से 2-2 इस्तगासे न्यायालय में पेश किए गए हैं।
इसके अलावा चूरू कोतवाली, चूरू सदर, सुजानगढ़, साहवा, सालासर, भाणीपुरा, दूधवाखारा, हमीरवास और भलेरी थानों से एक-एक इस्तगासा पेश किया गया है।
अवैध निर्माणों पर भी चला बुलडोजर
पुलिस की कार्रवाई केवल संपत्ति की कुर्की और जब्ती तक सीमित नहीं है। चिन्हित अपराधियों के अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार पेपर लीक मामले के आरोपी यूनिक भांभू सहित हमीरवास, बीदासर और राजगढ़ क्षेत्र के कुछ हिस्ट्रीशीटरों के अवैध निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं।
जब्त वाहन की कोर्ट के आदेश पर नीलामी
अपराधियों की संपत्ति पर कार्रवाई के तहत सालासर में हिस्ट्रीशीटर भागीरथ उर्फ फीडिया की जब्त गाड़ी की भी नीलामी की गई।
कोर्ट के आदेश के बाद इस वाहन को 1 लाख 85 हजार रुपए में नीलाम किया गया और प्राप्त राशि राजकोष में जमा कराई गई।
दूधवाखारा में भी संपत्तियों की पहचान
पुलिस ने हाल ही में दूधवाखारा क्षेत्र में पकड़े गए आदतन बदमाशों और हिस्ट्रीशीटरों की संपत्तियों और वाहनों को भी चिन्हित किया है।
इनके खिलाफ लगातार जब्ती और कुर्की की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
अपराधियों को आर्थिक रूप से कमजोर करने की रणनीति
पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य अपराधियों को केवल गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति पर चोट करना भी है।
पुलिस का मानना है कि अपराधियों की आर्थिक गतिविधियों और अवैध संपत्तियों पर प्रभावी कार्रवाई से उनके अपराध तंत्र को कमजोर किया जा सकता है।
चूरू जिले में अब पुलिस की कार्रवाई गिरफ्तारी के साथ-साथ संपत्ति की पहचान, कुर्की, जब्ती और अवैध निर्माण हटाने तक पहुंच गई है।






