चूरू। सरकारी शिक्षण संस्थाओं में आधुनिक तकनीक के जरिए शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से संचालित इंटरैक्टिव बोर्ड परियोजना का विस्तार अब सरदारशहर और राजगढ़ तक किया जाएगा।
इसके तहत दोनों क्षेत्रों के चयनित सरकारी स्कूलों में करीब 1 करोड़ रुपए की लागत से इंटरैक्टिव बोर्ड लगाए जाएंगे।
यह परियोजना श्री गांधी बाल निकेतन, रतनगढ़ के संस्थापक सचिव स्व. चम्पालाल उपाध्याय द्वारा क्षेत्र के शैक्षणिक विकास के लिए किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से भामाशाहों के सहयोग से संचालित की जा रही है।
200 से अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूलों का चयन
परियोजना के तहत 200 से अधिक विद्यार्थी संख्या वाले सरकारी स्कूलों का चयन कर उनमें 75 इंच के इंटरैक्टिव बोर्ड स्थापित किए जाते हैं।
परियोजना के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
रतनगढ़ के भामाशाहों के सहयोग से सुजानगढ़ को छोड़कर चूरू जिले के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में इंटरैक्टिव बोर्ड लगाए जा चुके हैं।
वहीं रतनगढ़ ब्लॉक के 80 से अधिक विद्यार्थी संख्या वाले सभी सरकारी स्कूलों में पहले ही इंटरैक्टिव बोर्ड स्थापित किए जा चुके हैं।
4.50 करोड़ से अधिक की राशि से 300 बोर्ड लगवा चुके प्रदीप सराफ
प्रोजेक्ट फाउंडर एवं निकेतन सचिव राजीव उपाध्याय ने बताया कि दिसंबर 2022 से संचालित परियोजना के तहत जिले के रतनगढ़, चूरू, सुजानगढ़, तारानगर और बीदासर ब्लॉक की सरकारी शिक्षण संस्थाओं में इंटरैक्टिव बोर्ड लगाए जा चुके हैं।
अब रतनगढ़ के प्रवासी भामाशाह प्रदीप सराफ के आर्थिक सहयोग से सरदारशहर और राजगढ़ की चयनित सरकारी स्कूलों में बोर्ड लगाए जाएंगे।
प्रदीप सराफ की ओर से अब तक 4.50 करोड़ रुपए से अधिक की राशि से जिलेभर की शिक्षण संस्थाओं में 300 इंटरैक्टिव बोर्ड लगवाए जा चुके हैं।
जिले में 900 से अधिक इंटरैक्टिव बोर्ड
चूरू जिले की शिक्षण संस्थाओं में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त करीब 13 करोड़ रुपए की राशि से अब तक 900 से अधिक इंटरैक्टिव बोर्ड स्थापित किए जा चुके हैं।
इनके माध्यम से सरकारी शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत विद्यार्थी आधुनिक तकनीक से पढ़ाई कर रहे हैं।
सभी सरकारी कॉलेजों में पहले ही लग चुके हैं बोर्ड
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 में चूरू जिला देश का पहला ऐसा जिला बनने का दावा किया गया था, जहां सभी 20 सरकारी कॉलेजों में इंटरैक्टिव बोर्ड के माध्यम से पढ़ाई हो रही थी।
अब परियोजना के अगले चरण में 200 से अधिक विद्यार्थी संख्या वाले सभी सरकारी स्कूलों को भी इंटरैक्टिव बोर्ड की सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकारी अस्पतालों के लिए भी मेडिकल इक्विपमेंट प्रोजेक्ट
श्री गांधी बाल निकेतन, रतनगढ़ की ओर से सरकारी शिक्षण संस्थाओं के साथ-साथ सरकारी चिकित्सालयों के सुदृढ़िकरण के लिए भी मेडिकल इक्विपमेंट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है।
इसके तहत स्थानीय सेठ सूरजमल जालान राजकीय जिला चिकित्सालय में अब तक करीब 1.25 करोड़ रुपए की लागत से ऑर्थोपेडिक, जनरल सर्जरी और एक्स-रे विभाग के लिए आधुनिक मशीनरी उपलब्ध करवाई गई है।
इन विभागों का नवीनीकरण भी भामाशाहों के सहयोग से करवाया गया है। जल्द ही ओटी सेपरेशन और ईएनटी विभाग से जुड़ी मशीनरी भी उपलब्ध करवाने की योजना है।
गांव-ढाणियों तक पहुंच रही आधुनिक तकनीक
प्रोजेक्ट फाउंडर राजीव उपाध्याय ने कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थाओं में पढ़ने वाले कमजोर एवं पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से यह परियोजना शुरू की गई थी।
उनके अनुसार, परियोजना के माध्यम से वर्तमान में लाखों विद्यार्थी नियमित रूप से लाभ प्राप्त कर रहे हैं और गांव-ढाणियों तक आधुनिक तकनीक से पढ़ाई पहुंच रही है।
भामाशाह एवं उद्योगपति प्रदीप सराफ, कोलकाता ने कहा कि चूरू जिले की सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण उपकरण इंटरैक्टिव बोर्ड के माध्यम से पढ़ाई का अवसर उपलब्ध करवाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने परियोजना में आगे भी सहयोग जारी रखने की बात कही।






