चूरू। सरदारशहर तहसील के शिमला गांव स्थित ग्राम सेवा सहकारी समिति में कथित अनियमितताओं और अवैध वसूली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।
राजस्थान मेघवाल परिषद के तहसील अध्यक्ष महावीर प्रसाद मेहरा के नेतृत्व में ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने समिति के पदाधिकारियों एवं संबंधित कार्मिकों के खिलाफ निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मृतकों के परिजनों को नोटिस देने का आरोप
ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समिति के व्यवस्थापक, अध्यक्ष और संबंधित कार्मिक मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है और उनके ऋण वर्षों पहले सरकार द्वारा माफ किए जा चुके हैं, उनके परिजनों को कथित तौर पर 50 हजार से 1 लाख रुपये तक के बकाया नोटिस भेजे जा रहे हैं।
इसके अलावा ऋण चुका चुके किसानों को भी नोटिस देकर परेशान करने का आरोप लगाया गया है।
ऋण नवीनीकरण के नाम पर अवैध वसूली का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ऋण नवीनीकरण और स्वीकृति के नाम पर किसानों से हर साल दो बार 10 से 15 हजार रुपये तक की राशि कथित रूप से वसूली जाती है।
आरोप है कि इस राशि की रसीद भी नहीं दी जाती।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि समिति में किसानों से किसी प्रकार की अतिरिक्त राशि ली जा रही है या नहीं।
समिति कार्यालय नियमित नहीं खुलने का आरोप
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि समिति का कार्यालय नियमित रूप से नहीं खोला जाता।
इससे किसानों को सहकारी समिति से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तहसील स्तर पर कार्रवाई नहीं होने का दावा
ज्ञापन देने पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले तहसील स्तर पर शिकायत की थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें जिला कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्या रखनी पड़ी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से समिति के रिकॉर्ड, ऋण खातों और कथित वसूली की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित समिति पदाधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
साथ ही किसानों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली रोकने और पात्र किसानों को सहकारी योजनाओं का लाभ सुचारू रूप से दिलाने की मांग की गई है






