जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में जिला प्रशासन और प्रवाह एनजीओ के संयुक्त तत्वावधान में संचालित “स्माइल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट इनिशिएटिव” के तहत आयोजित 45 दिवसीय इंटर्नशिप कार्यक्रम का समापन हुआ। समापन अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित डीओआईटी वीसी सभागार में इंटर्न्स ने अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नवाचार आधारित सुझाव प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में 10 इंटर्न्स ने पांच विभागों में कार्य करते हुए प्रशासनिक प्रक्रियाओं, योजनाओं और सेवा वितरण प्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
नवाचार और शोध आधारित सुझावों की सराहना
जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का अवलोकन करते हुए उनके विश्लेषण, शोध आधारित दृष्टिकोण और इनोवेटिव आइडियाज की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ऐसे इंटर्नशिप कार्यक्रम युवाओं को सुशासन की कार्यप्रणाली से जोड़ने के साथ व्यवहारिक अनुभव भी प्रदान करते हैं। उन्होंने इंटर्न्स से अपने अनुभवों का सकारात्मक उपयोग करते हुए समाज और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा सेवा वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।
पांच विभागों में मिला कार्य का अनुभव
इंटर्न्स ने महिला अधिकारिता विभाग, श्रम विभाग, अल्पसंख्यक मामलात विभाग, शिक्षा विभाग और राजीविका में कार्य करते हुए विभिन्न योजनाओं एवं प्रशासनिक गतिविधियों को समझा।
समापन कार्यक्रम में अग्रिमा त्यागी, सुमुखी, सुहानी, अंशिका, नंदिनी, यामिनी, मोहन बाबू, मुजतबा उल्लाह, मणिकांत और शोभित सहित इंटर्न्स ने बालिका आदर्श ग्राम पंचायत, बाल श्रम, अपनों के साथ पढ़ाई, आरआरआर कार्यक्रम और डिजिटल सखी जैसे प्रोजेक्ट्स पर प्रस्तुति दी और अपने अनुभव साझा किए।
फील्ड विजिट और विभागीय मार्गदर्शन से मिला व्यावहारिक ज्ञान
इंटर्नशिप के दौरान प्रत्येक विभाग में पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए, जिन्होंने 45 दिनों तक इंटर्न्स का मार्गदर्शन किया और नियमित फीडबैक लिया।
कार्यक्रम के दौरान उद्योग सहायक आयुक्त उजाला, श्रम निरीक्षक खेमचंद कुमावत, महिला अधिकारिता विभाग की कृष्णा, अल्पसंख्यक विभाग के कृष्ण सिंह, राजीविका के राकेश और देवेंद्र, तथा प्रवाह एनजीओ के राजदीप सिंह और अर्पिता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।






