चूरू, कोलकाता में आयोजित 27वीं सब जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल करने वाले घांघू निवासी युवा खिलाड़ी पीयूष भादू एवं लक्की कालेर का गांव पहुंचने पर ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों की ओर से भव्य स्वागत किया गया।
खिलाड़ियों के गांव पहुंचने पर ग्राम पंचायत, परिवारजनों और ग्रामीणों ने डीजे की धुन के साथ गांव के मुख्य रास्तों से विजय जुलूस निकाला। इसके बाद गांव के आईटी सेंटर में आयोजित सम्मान समारोह में ग्राम पंचायत घांघू की प्रशासक विमला देवी दर्जी एवं सदस्यों ने दोनों खिलाड़ियों को माला और साफा पहनाकर तथा अभिनंदन पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
राष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक जीतकर बढ़ाया गांव का मान
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ग्राम पंचायत प्रशासक विमला देवी दर्जी ने कहा कि पीयूष और लक्की की जोड़ी ने राष्ट्रीय स्तर की रोइंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर ग्राम पंचायत का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
समारोह के मुख्य अतिथि समाजसेवी महावीर नेहरा ने कहा कि पीयूष एवं लक्की ने रोइंग में राष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक जीतकर गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1981 में घांघू के हरफूल सिंह रेवाड़ ने डेकेथलॉन में राष्ट्रीय स्तर की ओपन प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। इसके बाद पीयूष और लक्की की जोड़ी ने राष्ट्रीय स्तर की ओपन प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया है।
अन्य खिलाड़ियों को भी मिलेगी प्रेरणा
विशिष्ट अतिथि खेल प्रशिक्षक सफी मोहम्मद गांधी ने कहा कि घांघू के खिलाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर रोइंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतना क्षेत्र के लिए एक अच्छी शुरुआत है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी रोइंग के प्रति आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
इस अवसर पर उप सरपंच पूर्ण सिंह शेखावत, महावीर सिहाग लाखाऊ, समाजसेवी परमेश्वरलाल दर्जी, खेमचंद गुरी, सुगनाराम मांझु, लालचंद प्रजापत, हरिराम भादू, कमलेश देवी, नेमीचंद भादू, जब्बार खां, सुनील भादू, अनिल भादू, वरिष्ठ लिपिक सत्यप्रकाश मीणा, बैंक प्रबंधक लाभूराम, गोविन्द सिंह शेखावत, रामजस टाक, कर्मवीर गोदारा, प्रवीण कपूरिया, मोहिनी देवी और शर्मिला देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन बीरबल नोखवाल ने किया। इस दौरान महेश कुमार, बोयताराम फगेड़िया, शीशराम भादू, रामनिवास फगेड़िया, भंवरलाल भादू, इरफान पहाडियान, रामलाल फगेड़िया, विनित राहड़, प्रेम सिंह राठौड़, मुकारब खां, डालूराम, प्रताप, पूनमचंद प्रजापत, प्रधानाचार्य सिकंदर कुरैशी, सलीम मिस्त्री, सतार खान, रामस्वरूप दगल, लीलाधर खीचड़, देवेंद्र राहड़, संजय कपूरिया, हीरालाल भादू, वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक रामसिंह सिहाग, राजकुमार फगेड़िया, वासुदेव सिहाग, अमित प्रजापत और सुनील जांगिड़ सहित सैकड़ों महिला-पुरुष एवं बच्चे मौजूद रहे।






