चूरू, हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया। भारत सरकार एवं राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद जयपुर के निर्देशानुसार जिले में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
जिला खेल अधिकारी सीताराम प्रजापत ने बताया कि राष्ट्रीय खेल दिवस के तहत खिलाड़ियों को विभिन्न खेल गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
तीरंदाजी और बास्केटबॉल में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
27 अगस्त को लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ खेल स्टेडियम, चूरू में तीरंदाजी एवं बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ।
वहीं 29 अगस्त को गाजुवास, तारानगर में हॉकी तथा लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ खेल स्टेडियम, चूरू में टेबल टेनिस प्रतियोगिता आयोजित की गई।
प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी खेल प्रतिभा और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया।
खेल सिर्फ पदक तक सीमित नहीं: जिला खेल अधिकारी
जिला खेल अधिकारी सीताराम प्रजापत ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए खेल केवल पदक, पोडियम या प्रतिस्पर्धात्मक गौरव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह संपूर्ण जीवनशैली का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से खिलाड़ियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, लचीलापन और टीम भावना विकसित होती है।
मैदान पर खिलाड़ी जीत और हार के साथ-साथ संघर्ष, सहयोग और चुनौतियों पर विजय पाने की भावना भी सीखते हैं।
मेजर ध्यानचंद के योगदान को किया याद
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर उपस्थित खेल प्रशिक्षकों एवं खेलप्रेमियों ने हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के खेल जीवन और देश के लिए उनके योगदान को याद किया।
इस दौरान युवाओं को खेलों से जुड़ने और नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।
अधिकारी, प्रशिक्षक और खिलाड़ी रहे मौजूद
कार्यक्रम में मनीष राठौड़, सुरेंद्र प्रजापत, राहुल पिपलवा (टेबल टेनिस कोच), सुनील रक्षक (तीरंदाजी कोच), अजय कुमार, नानूराम सैनी, पंकज प्रजापत, राजवीर सिंह और पहलाद बुडानिया सहित खेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, प्रशिक्षक एवं खिलाड़ी मौजूद रहे।






