दिल्ली,चूरू। लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान सांसद राहुल कस्वां ने केंद्र सरकार को योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन को लेकर घेरा।
उन्होंने कहा, “मैं तथ्यों के साथ अपनी बात रख रहा हूं, सुर्खियों के आधार पर नहीं। घोषणाएं आगे दौड़ती हैं, नतीजे पीछे रह जाते हैं।”
योजनाओं में आवंटन बनाम खर्च पर सवाल
सांसद कस्वां ने कहा कि कई केंद्रीय योजनाओं में बजट का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
- पीएम कौशल विकास योजना में 2021-22 से 2025-26 तक हर वर्ष हजारों करोड़ का प्रावधान हुआ, लेकिन पूरा खर्च नहीं हो सका।
- पीएम इंटर्नशिप योजना में 10,831 करोड़ के मुकाबले केवल 526 करोड़ रुपये खर्च हुए।
- जल जीवन मिशन में 67 हजार करोड़ के प्रावधान के बावजूद संशोधित अनुमान 17 हजार करोड़ रह गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे राज्यों, खासकर राजस्थान को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता
सांसद ने कहा कि राजस्थान के 56% स्कूलों में कमरे जर्जर या अनुपयोगी हैं।
करीब 2.83 लाख कमरे बच्चों के बैठने लायक नहीं हैं और 2.19 लाख कमरों को मरम्मत की जरूरत है।
उन्होंने विशेष रूप से चूरू लोकसभा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां लगभग 1800 नए कमरों की आवश्यकता है।
“50 डिग्री तापमान में बच्चे पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं, लेकिन विकसित भारत विजन में शिक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर कोई स्पष्ट योजना नहीं दिखती,” कस्वां ने कहा।
उन्होंने बताया कि 83% सरकारी स्कूलों में केवल आर्ट्स विषय उपलब्ध हैं, जबकि साइंस, कॉमर्स और कंप्यूटर शिक्षा की कमी है।
मनरेगा और ग्रामीण विकास पर चेतावनी
सांसद ने कहा कि मनरेगा का बजट अनुपात राज्यों पर बढ़ने से योजना बंद होने की स्थिति बन सकती है।
उनका कहना था कि इससे मजदूरों की आजीविका पर संकट आएगा और ग्रामीण विकास प्रभावित होगा।
सिंचाई प्रोजेक्ट पर उठाया मुद्दा
कस्वां ने पश्चिमी राजस्थान के चूरू, झुंझुनूं, नागौर, बाड़मेर और जैसलमेर में सिंचाई परियोजनाओं की कमी का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि देश दलहन-तिलहन आयात कर रहा है, जबकि सिंचाई सुविधाओं के अभाव में किसान उत्पादन नहीं बढ़ा पा रहे हैं।
नई रेलवे लाइनों और राष्ट्रीय राजमार्ग की मांग
सांसद ने राजस्थान में नई रेल लाइनों की मांग रखते हुए कहा कि लंबे समय से इनकी आवश्यकता है।
प्रमुख प्रस्तावित रेल मार्ग:
- सीकर से नोखा
- खाटू श्याम जी से देशनोक (वाया बीदासर)
- सरदारशहर से नोहर
- सरदारशहर से हनुमानगढ़
- सादुलपुर से तारानगर होते हुए गजसिंहपुर
उन्होंने कहा कि हर बार मालभाड़ा कम होने के आधार पर सर्वे रिपोर्ट नकारात्मक आती है, इसलिए सरकार को नए प्रावधान करने चाहिए।
निष्कर्ष
सांसद राहुल कस्वां का कहना है कि बजट में घोषणाएं तो बड़ी हैं, लेकिन जवाबदेही और क्रियान्वयन में कमी है।
