दिल्ली।चूरू सांसद राहुल कस्वां ने लोकसभा में नियम-377 के तहत बीकानेर में राजस्थान उच्च न्यायालय की पीठ स्थापित करने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि यह मांग लंबे समय से चली आ रही है और पश्चिमी राजस्थान के लोगों के हित में अत्यंत आवश्यक है।
लंबी दूरी से बढ़ती परेशानी
सांसद कस्वां ने बताया कि वर्तमान में बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर ग्रामीण जिलों के वादकारियों को उच्च न्यायालय जाने के लिए जोधपुर या जयपुर जाना पड़ता है।
- बीकानेर से जोधपुर की दूरी लगभग 250 किमी
- बीकानेर से जयपुर की दूरी लगभग 330 किमी
इतनी लंबी दूरी तय करने में वादकारियों को समय, धन और श्रम की भारी परेशानी होती है।
3 करोड़ से अधिक आबादी प्रभावित
उन्होंने कहा कि पश्चिमी राजस्थान एक विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र है, जहाँ तीन करोड़ से अधिक जनसंख्या निवास करती है।
यहां से भूमि विवाद, राजस्व प्रकरण, सेवा मामले, आपराधिक अपीलें तथा सीमावर्ती जिलों से जुड़े बड़ी संख्या में मामले उच्च न्यायालय में दायर होते हैं।
“उच्च न्यायालय की पीठ का अभाव किसानों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए न्याय तक पहुंच को कठिन बनाता है,” कस्वां ने कहा।
बीकानेर को बताया उपयुक्त स्थान
सांसद ने कहा कि बीकानेर पश्चिमी राजस्थान का केन्द्रीय शहर है, जहाँ परिवहन संपर्क और न्यायिक अधोसंरचना उपलब्ध है।
उनका कहना है कि यहां पीठ स्थापित होने से:
- न्याय तक पहुंच आसान होगी
- मामलों के शीघ्र निस्तारण में मदद मिलेगी
- जोधपुर मुख्य पीठ पर भार कम होगा
- आमजन के समय और धन की बचत होगी
सरकार से की अपील
सांसद कस्वां ने सदन के माध्यम से केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि माननीय न्यायपालिका से परामर्श कर बीकानेर में उच्च न्यायालय की पीठ की स्थापना पर शीघ्र विचार किया जाए।
