नोहर फीडर, जल जीवन मिशन और यमुना लिंक पर केंद्र से जल्द कार्रवाई की मांग
चूरू, सांसद राहुल कस्वां ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से मुलाकात कर
चूरू संसदीय क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं और पेयजल संकट के मुद्दों को गंभीरता से उठाया।
नोहर फीडर रिमॉडलिंग पर जोर
सांसद कस्वां ने बताया कि
लगातार प्रयासों के बाद 14 फरवरी 2024 को केंद्र सरकार से
नोहर व बरवाली फीडर को सम्मिलित कर
332 क्यूसेक पानी, नहर रिमॉडलिंग और क्षमता विकास हेतु
करीब 120 करोड़ रुपये की डीपीआर को स्वीकृति मिली थी।
लेकिन एक साल बीतने के बावजूद अब तक कार्य शुरू नहीं हो पाया।
इस पर जल शक्ति मंत्री ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से मौके पर ही फोन पर बातचीत कर
हरियाणा व राजस्थान सरकार को संयुक्त रूप से डीपीआर पूरी करने के निर्देश दिए।
सांसद कस्वां ने कहा
नोहर फीडर के रिमॉडलिंग और क्षमता विकास के लिए मैं लंबे समय से प्रयासरत हूं, जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है।
जल जीवन मिशन के अधूरे कार्य बने बड़ी समस्या
सांसद राहुल कस्वां ने जल जीवन मिशन (JJM) के अंतर्गत अधूरे कार्यों का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने बताया कि
- सादुलपुर और तारानगर में स्वीकृत 19 एसएलआर टंकियों में से
17 टंकियां बन चुकी हैं, लेकिन
38 करोड़ रुपये के डेविएशन बजट के अभाव में पाइपलाइन से नहीं जुड़ पाई हैं।
इसी प्रकार
- रतनगढ़ और सुजानगढ़ क्षेत्र में
करीब 45 करोड़ रुपये का डेविएशन बजट नहीं मिलने से
कई गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप है।
टंकियां तैयार होने के बावजूद गांवों में गंभीर जल संकट बना हुआ है
और कई स्थानों पर ग्रामीण धरने पर बैठे हैं।
सांसद ने डेविएशन बजट शीघ्र जारी कर अधूरे कार्य पूर्ण कराने की मांग की।
धनासर प्रोजेक्ट का टेंडर अब तक लंबित
जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत धनासर पेयजल परियोजना का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।
इस परियोजना से
- सरदारशहर और नोहर के
- 200 से अधिक गांवों को पेयजल मिलना है।
लेकिन
- लगभग 252 करोड़ रुपये का टेंडर अब तक जारी नहीं हुआ।
सांसद कस्वां ने कहा कि
स्वीकृति के लंबे समय बाद भी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से
ग्रामीणों का पेयजल सपना अधर में लटका है।
यमुना लिंक प्रोजेक्ट शेखावाटी के लिए अहम
यमुना लिंक प्रोजेक्ट को लेकर सांसद ने कहा कि
पहले इसकी डीपीआर तैयार हो चुकी थी,
लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने नई डीपीआर बनाने की बात कही।
नई व्यवस्था के अनुसार
हथिनी कुंड बैराज से वर्षा काल का अतिरिक्त जल राजस्थान को दिया जाना प्रस्तावित है।
उन्होंने लोकसभा में दिए गए उत्तर का हवाला देते हुए कहा कि
- 25 जुलाई 2025 को
राजस्थान–हरियाणा टास्क फोर्स गठित कर
6 माह में डीपीआर प्रस्तुत करने की बात कही गई थी, - लेकिन तय समय पूरा होने के बावजूद डीपीआर अब तक तैयार नहीं हुई।
सांसद कस्वां ने कहा
यमुना लिंक प्रोजेक्ट शेखावाटी के लिए जीवनरेखा साबित हो सकता है,
इसलिए इसकी डीपीआर जल्द से जल्द तैयार की जाए।
