भारतीय रेलवे ने महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए महिला आरक्षित कोचों में अनधिकृत प्रवेश के खिलाफ नियमों को और सख्त कर दिया है। नए ‘जनविश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम-2026’ के लागू होने के बाद अब महिला कोच में बिना अनुमति यात्रा करने वाले पुरुष यात्रियों पर मौके पर ही ₹2500 तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य महिला यात्रियों को सुरक्षित और निर्बाध यात्रा का वातावरण उपलब्ध कराना है।
टिकट या पास भी किया जा सकता है जब्त
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जुर्माने के अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले पुरुष यात्री का टिकट या पास भी जब्त किया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि महिला आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रेलवे अधिनियम की धारा 162 के तहत होगी कार्रवाई
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 162 के तहत यदि कोई पुरुष जानबूझकर महिला आरक्षित कोच, सीट, बर्थ या कंपार्टमेंट में प्रवेश करता है अथवा रेलवे कर्मचारियों या गार्ड के निर्देश के बावजूद वहां से नहीं हटता, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे आरक्षित डिब्बों से जुड़े नियमों का पालन करें और महिला यात्रियों की सुरक्षा एवं सम्मान बनाए रखने में सहयोग करें।






