राजलदेसर (चूरू)। भारतीय किसान संघ की तहसील इकाई राजलदेसर के नेतृत्व में किसानों ने तहसीलदार प्यारेलाल चावला को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बाजरा खरीद, फसल मुआवजा, खाद की उपलब्धता सहित किसान हित से जुड़ी कई मांगें उठाई गईं।
बाजरा खरीद केंद्र खोलने या भावांतर योजना की मांग
किसानों ने कहा कि बाजार में बाजरा 1900 से 2100 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से बिक रहा है, जबकि समर्थन मूल्य करीब 2900 रुपए प्रति क्विंटल है।
किसानों के अनुसार इससे उन्हें प्रति क्विंटल करीब 900 से 1000 रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बाजरे की खरीद के लिए सरकारी केंद्र खोलने या हरियाणा की तर्ज पर भावांतर योजना लागू करने की मांग की।
दूध के भाव और बोनस बढ़ाने की मांग
ज्ञापन में किसानों ने दूध के खरीद भाव और सरकारी बोनस में वृद्धि करने की मांग भी रखी। साथ ही दूध का भुगतान समय पर करने की मांग की गई।
किसानों ने रबी की बुवाई को देखते हुए यूरिया और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की।
सूखे से हुए फसल नुकसान का मुआवजा मांगा
किसानों ने रतनगढ़ तहसील क्षेत्र में सूखे के कारण हुए फसल नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की।
इसके अलावा हाईवे और एक्सप्रेस-वे के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा देने तथा राजलदेसर-रतनगढ़ के बीच आरयूबी निर्माण के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
आवारा सुअरों से फसलों को नुकसान का मुद्दा उठाया
किसान प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में खुले घूम रहे सुअरों और सुअर पालकों से जुड़ी समस्या भी उठाई। उन्होंने कहा कि आवारा सुअरों के कारण खेतों में फसलों को भारी नुकसान हो रहा है।
किसानों ने इस समस्या के प्रभावी समाधान के लिए कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो किसान धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
इस दौरान चूरू जिला अध्यक्ष मुकेश रामपुरा, तहसील अध्यक्ष बिरदीचंद प्रजापत, तहसील मंत्री कृष्णगोपाल शर्मा, तहसील उपाध्यक्ष दौलत सिंह बीदावत सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान मौजूद रहे।
