राजलदेसर, चूरू। प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती। इसे कस्बे की नन्ही बेटी खुशी पांडे अपनी कला के जरिए साबित कर रही हैं।
गजानंद पांडे की पुत्री और कक्षा 6 की छात्रा खुशी अपनी उंगलियों और ब्रश के जरिए देवी-देवताओं के बेहद बारीक चित्र तैयार कर रही हैं।
उनकी बनाई पेंटिंग में रंगों का संयोजन और बारीक काम लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। चित्रों में रंगों और ब्रश पर उनकी पकड़ के चलते जीवंतता नजर आती है।
बिना प्रशिक्षण के अपनी कल्पना से बनाती हैं पेंटिंग
खुशी के दादा देवकरण पांडे के अनुसार, खुशी को बचपन से ही पेंटिंग का शौक है। उन्होंने किसी औपचारिक प्रशिक्षण के बिना अपनी कल्पना और रुचि के आधार पर पेंटिंग बनाना शुरू किया।
खाली समय में वह रंगों और ब्रश के साथ अपनी कल्पनाओं को चित्रों का रूप देती हैं।
बड़ी बहन भाविका भी पेंटिंग की शौकीन
खुशी की बड़ी बहन भाविका को भी पेंटिंग बनाने में रुचि है। दोनों बहनें खाली समय में साथ बैठकर पेंटिंग बनाती हैं और एक-दूसरे के साथ अपनी कला को निखारती हैं।
परिवार के सदस्यों के अनुसार, दोनों बहनों में कला के प्रति लगाव और सीखने की इच्छा है।
उचित मंच और मार्गदर्शन की उम्मीद
परिजनों का कहना है कि यदि खुशी और भाविका को उचित मंच, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिले तो दोनों बेटियां कला के क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं।
खुशी की पेंटिंग प्रतिभा फिलहाल परिवार और आसपास के लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। उनकी कला में रुचि और लगातार अभ्यास भविष्य में उन्हें बेहतर अवसरों तक पहुंचा सकता है।






