राजलदेसर। एनएच-11 के पास बने डंपिंग यार्ड के समीप खुले में डाले जा रहे गटर के मलबे में एक गोवंश फंस गया। गहरे और दलदली मलबे में फंसे गोवंश को सूचना मिलने के बाद गोरक्षा दल और नगरपालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षित बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों के अनुसार निजी गटर सफाई टैंकरों द्वारा खुले में गटर का गाद और मलबा डाले जाने से यहां दलदल की स्थिति बन गई है।
दलदली मलबे में फंसा गोवंश
जानकारी के अनुसार सुखसागर डंपिंग यार्ड के पास गटर का मलबा खुले में डाला जा रहा था। इसी दौरान वहां विचरण कर रहा एक गोवंश अचानक गहरे दलदली हिस्से में जाकर फंस गया।
घटना की जानकारी मिलते ही गोरक्षा दल के सदस्य कन्हैया सैन मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेकर नगरपालिका प्रशासन को सूचना दी।
नगरपालिका टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलने पर नगरपालिका की ओर से स्वच्छ भारत मिशन (SBM) की टीम मौके पर पहुंची। टीम में दिलीप सोलंकी, जसवंत सिंह, वेदप्रकाश और विजेंद्र शामिल रहे।
टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद गोवंश को दलदली मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
खुले में गटर का मलबा डालने पर लोगों में रोष
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निजी गटर सफाई टैंकर चालक सुखसागर डंपिंग यार्ड के पास खुले में गटर का गाद और मलबा डाल रहे हैं। इससे आसपास खतरनाक दलदल बन गया है।
लोगों का कहना है कि इस दलदल में पहले भी गोवंश और नीलगाय के फंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। स्थानीय निवासियों ने खुले में मलबा डालने पर रोक लगाने और जिम्मेदार टैंकर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद खुले में गटर का मलबा डालने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि ऐसे स्थानों पर उचित निगरानी और आवश्यक व्यवस्था नहीं होने से बेजुबान पशुओं के लिए खतरा बना हुआ है।
लोगों ने नगरपालिका प्रशासन से खुले में गटर का मलबा डालने पर प्रभावी रोक लगाने और ऐसे स्थानों को सुरक्षित बनाने की मांग की है।






