चूरू। राजलदेसर नगरपालिका चुनाव-2026 की मतगणना राजकीय महाविद्यालय में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। 35 वार्डों के नतीजे सामने आने के बाद नगरपालिका बोर्ड गठन को लेकर सियासी गणित दिलचस्प हो गया है।
चुनाव में कांग्रेस और भाजपा ने 14-14 वार्डों में जीत दर्ज की है। वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के 2 और 5 निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए हैं।
ऐसे में दोनों प्रमुख दल बराबरी पर होने के कारण अब निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
राजलदेसर में किसे कितनी सीटें?
| दल | जीती सीटें |
|---|---|
| कांग्रेस | 14 |
| भाजपा | 14 |
| राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी | 2 |
| निर्दलीय | 5 |
| कुल | 35 |
परिणामों के बाद अब भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर निर्दलीय पार्षदों पर है। बोर्ड गठन के लिए बहुमत का समीकरण इन्हीं पार्षदों के समर्थन से मजबूत हो सकता है।
2 वोट से लेकर 226 वोट तक का मुकाबला
राजलदेसर के चुनाव परिणामों में कई वार्डों में बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला।
कांग्रेस ने वार्ड 34 में महज 2 वोट से जीत दर्ज की। भाजपा की सबसे छोटी जीत भी वार्ड 6 में 2 वोट से रही। वहीं वार्ड 8 में दोनों निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें शारदा मारू ने मंजू को सिर्फ 2 वोट से हराया।
वार्ड 19 में भाजपा की शीतल प्रकाश ने कांग्रेस के दिग्गज प्रत्याशी ओमप्रकाश कटारिया को महज 4 वोट से हराया।
इसके उलट वार्ड 18 में कांग्रेस के जाकिर हुसैन ने निर्दलीय भागीरथमल को 226 वोटों के अंतर से हराकर सबसे बड़ी जीत दर्ज की।
वार्ड 1 से 10 तक के परिणाम
वार्ड 1: भाजपा के विष्णु भगवान प्रजापत ने निर्दलीय कपिलदेव सोनी को 140 वोट से हराया।
वार्ड 2: कांग्रेस की पूजा पाण्डिया ने मुन्नी देवी को 20 वोट से हराया।
वार्ड 3: कांग्रेस की मीरा सोनी ने निर्दलीय पिंकी को 134 वोट से हराया।
वार्ड 4: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के दीनदयाल स्वामी ने कांग्रेस के चंद्रप्रकाश घिटाला को 22 वोट से हराया।
वार्ड 5: कांग्रेस के भगवानाराम ने भाजपा के दिनेश सिंह घुघरवाल को 189 वोट से हराया।
वार्ड 6: भाजपा की अनुसुइया मारू ने कांग्रेस के कोमल नाई को महज 2 वोट से हराया।
वार्ड 7: भाजपा के गोपाल मारू ने निर्दलीय प्रकाश भार्गव को 43 वोट से हराया।
वार्ड 8: निर्दलीय शारदा मारू ने निर्दलीय मंजू को सिर्फ 2 वोट से हराया।
वार्ड 9: रामपाल पाण्डिया ने ज्योति पारीक को 24 वोट से हराया।
वार्ड 10: भाजपा की बबिता ने निर्दलीय कमला को 139 वोट से हराया।
वार्ड 11 से 20 तक के परिणाम
वार्ड 11: मांगीलाल ने निर्दलीय पवन कुमार को 166 वोट से हराया।
वार्ड 12: निर्दलीय संतोष देवी ने निर्दलीय बिमला देवी को 18 वोट से हराया।
वार्ड 13: कांग्रेस के लाभचंद ने भाजपा के अशोक कुमार को 119 वोट से हराया।
वार्ड 14: धनपत शर्मा ने अपने प्रतिद्वंद्वी कानाराम को 172 वोट से हराया।
वार्ड 15: भाजपा के पवन कुमार ने आर्यवीर कामरेड को 35 वोट से हराया।
वार्ड 16: भाजपा के प्रदीप पाण्डे ने कांग्रेस के पुनमचंद को 87 वोट से हराया।
वार्ड 17: कांग्रेस की संतोष देवी ने निर्दलीय संपत को 26 वोट से हराया।
वार्ड 18: कांग्रेस के जाकिर हुसैन ने निर्दलीय भागीरथमल को 226 वोट से हराया। यह चुनाव की सबसे बड़ी जीत रही।
वार्ड 19: भाजपा की शीतल प्रकाश ने कांग्रेस के ओमप्रकाश कटारिया को सिर्फ 4 वोट से हराया।
वार्ड 20: भाजपा के कुलदीप सुथार ने कांग्रेस के गोविंद सिंह कठोड़ को 36 वोट से हराया।
वार्ड 21 से 30 तक के परिणाम
वार्ड 21: निर्दलीय प्रकाश ने कांग्रेस के गजानंद को 18 वोट से हराया।
वार्ड 22: कांग्रेस के दीनदयाल ने भाजपा के महेंद्र को 151 वोट से हराया।
वार्ड 23: कांग्रेस के सद्दाम हुसैन ने भाजपा की पुष्पा देवी को 123 वोट से हराया।
वार्ड 24: कांग्रेस की सुमन ने भाजपा की नाथी को 46 वोट से हराया।
वार्ड 25: निर्दलीय चुकी देवी ने निर्दलीय पायल बारूपाल को 46 वोट से हराया।
वार्ड 26: भाजपा के सुभाष ने कांग्रेस के ताराचंद को 142 वोट से हराया।
वार्ड 27: कांग्रेस के रतनलाल ने निर्दलीय लालचंद को 111 वोट से हराया।
वार्ड 28: कांग्रेस की संतोष देवी ने निर्दलीय ममता देवी को 44 वोट से हराया।
वार्ड 29: RLP के सज्जाद मोहम्मद ने निर्दलीय विक्रम प्रसाद को 48 वोट से हराया।
वार्ड 30: कांग्रेस के मो. जब्बार ने लाभचंद को 143 वोट से हराया।
वार्ड 31 से 35 तक के परिणाम
वार्ड 31: कांग्रेस की नीतू प्रजापत ने भाजपा की मुन्नी देवी को 182 वोट से हराया।
वार्ड 32: निर्दलीय जयचंद ने भाजपा के हनुमान मल को 72 वोट से हराया।
वार्ड 33: भाजपा के अनिल ने निर्दलीय किस्मत को 41 वोट से हराया।
वार्ड 34: कांग्रेस के विनोद कुमार ने निर्दलीय पवन कुमार को महज 2 वोट से हराया।
वार्ड 35: जोराराम ने निर्दलीय भवानी शंकर को 113 वोट से हराया।
बोर्ड गठन में निर्दलीयों की भूमिका सबसे अहम
राजलदेसर के चुनाव परिणामों ने नगरपालिका की सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल दिया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों 14-14 सीटों पर हैं।
वहीं RLP के दो और निर्दलीयों के पांच पार्षद चुनाव जीतकर आए हैं। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों को बोर्ड गठन के लिए दूसरे दलों या निर्दलीयों का समर्थन जुटाना पड़ सकता है।
यही वजह है कि चुनाव परिणाम के बाद निर्दलीय पार्षदों की राजनीतिक पूछ बढ़ गई है।
सबसे छोटी और सबसे बड़ी जीत
राजलदेसर चुनाव में सबसे छोटी जीत 2 वोट की रही। कांग्रेस के वार्ड 34 के विनोद कुमार, भाजपा की वार्ड 6 की अनुसुइया मारू और निर्दलीय शारदा मारू ने अपने-अपने मुकाबले महज 2 वोट से जीते।
वहीं सबसे बड़ी जीत कांग्रेस के जाकिर हुसैन के नाम रही, जिन्होंने वार्ड 18 में 226 वोट के अंतर से जीत दर्ज की।
अब किसके हाथ आएगी सत्ता की चाबी?
35 वार्डों के नतीजों के बाद राजलदेसर नगरपालिका में किसी भी प्रमुख दल को स्पष्ट बढ़त नहीं मिली है। भाजपा और कांग्रेस दोनों 14-14 सीटों के साथ बराबरी पर हैं।
अब निगाहें 5 निर्दलीय और 2 RLP पार्षदों पर टिक गई हैं। कौन किसके साथ जाता है, इससे बोर्ड गठन का समीकरण तय होगा।
इस चुनाव परिणाम ने राजलदेसर नगरपालिका की राजनीति में निर्दलीयों को निर्णायक भूमिका में ला दिया है। अब बोर्ड गठन और अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।






