राजलदेसर। नगर पालिका चुनाव की तस्वीर साफ होने के साथ ही चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। इस बार अनुभव और युवा सोच के बीच भी सीधा मुकाबला नजर आ रहा है।
नगर पालिका के 35 वार्डों के लिए कुल 124 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें 21 से 35 वर्ष की उम्र के 43 प्रत्याशी हैं। यानी करीब हर तीसरा प्रत्याशी युवा है।
वहीं 36 से 50 वर्ष की उम्र के 44 प्रत्याशी और 51 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 25 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। 61 वर्ष से अधिक उम्र के 12 प्रत्याशी भी अपनी राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता के अनुभव के साथ मैदान में हैं।
21 साल की पायल सबसे युवा प्रत्याशी
वार्ड 25 से निर्दलीय प्रत्याशी पायल बारूपाल महज 21 वर्ष की उम्र में चुनाव मैदान में हैं। वह पालिका चुनाव की सबसे कम उम्र की प्रत्याशी हैं।
पुरुष प्रत्याशियों में वार्ड 30 के अल्ताफ, वार्ड 15 के कृष्ण गोपाल और वार्ड 26 के कमल कुमार नायक 26-26 वर्ष के हैं।
वहीं वार्ड 35 के जोराराम 78 वर्ष की उम्र में चुनाव लड़ रहे हैं और वह सबसे बुजुर्ग प्रत्याशी हैं।
भाजपा और कांग्रेस में भी युवा चेहरों को मौका
इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने युवा प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है।
भाजपा से वार्ड 25 की शांति (23), वार्ड 6 की अनुसुइया मारू (25), वार्ड 3 की मंजू (28), वार्ड 4 के ठाकर दत्त (29), वार्ड 27 के कमल कुमार नायक (31), वार्ड 19 के शीतल प्रकाश (32), वार्ड 20 के कुलदीप (33), वार्ड 9 के रामलाल (34) और वार्ड 1 के विष्णु भगवान प्रजापत (35) चुनाव मैदान में हैं।
कांग्रेस से वार्ड 2 की पूजा पांडिया (25), वार्ड 6 की कोमल नाई (28), वार्ड 31 की नीतू प्रजापत (28), वार्ड 33 के भगवान सिंह (28), वार्ड 25 की ग्यारसी देवी (29), वार्ड 3 की मीरा सोनी (32), वार्ड 4 के चंद्रप्रकाश घिंटाला (32), वार्ड 24 की सुमन (32), वार्ड 34 के विनोद कुमार (33) और वार्ड 28 की संतोष देवी (35) मैदान में हैं।
50 साल तक के 87 प्रत्याशी
आंकड़ों के अनुसार 50 वर्ष तक की उम्र वाले कुल 87 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इससे साफ है कि इस बार राजलदेसर के नगर पालिका चुनाव में नई पीढ़ी की भागीदारी मजबूत है।
चुनाव में युवा प्रत्याशियों के सामने स्थानीय विकास, रोजगार, खेल मैदान और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
कहीं पति-पत्नी तो कहीं पिता-बेटा आमने-सामने
राजलदेसर चुनाव की एक खास तस्वीर राजनीतिक परिवारों की भागीदारी भी है। कई परिवारों के सदस्य अलग-अलग वार्डों से चुनाव मैदान में हैं।
वार्ड 4 से सतीश मारू निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी पत्नी शारदा देवी वार्ड 8 और बेटे एडवोकेट रोहित मारू वार्ड 7 से निर्दलीय प्रत्याशी हैं।
निवर्तमान पालिका उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश घिंटाला वार्ड 4 से कांग्रेस प्रत्याशी हैं, जबकि उनकी पत्नी मंजू घिंटाला वार्ड 8 से निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं।
इसी तरह निवर्तमान पालिकाध्यक्ष गोपाल मारू वार्ड 7 से चुनाव मैदान में हैं। उनके परिवार की सदस्य अनुसुइया मारू वार्ड 6 से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही हैं।
7,126 युवा मतदाताओं पर भी नजर
राजलदेसर में युवा प्रत्याशियों के साथ युवा मतदाता भी चुनावी गणित को प्रभावित कर सकते हैं। कुल 23,286 मतदाताओं में 7,126 युवा मतदाता हैं, जो करीब 30.6 प्रतिशत हैं।
युवा मतदाताओं का रुझान किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं माना जा सकता। ऐसे में करीबी मुकाबले वाले वार्डों में युवा वोट निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
महिला मतदाताओं का रुख भी अहम
पालिका क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या भी कुल मतदाताओं के करीब आधी है। ऐसे में महिला मतदाताओं का रुझान भी कई वार्डों में जीत-हार का अंतर तय कर सकता है।
दूसरी ओर, 61 वर्ष से अधिक उम्र के प्रत्याशी संख्या में भले ही केवल 12 हैं, लेकिन उनके पास लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय रहने का अनुभव, व्यक्तिगत संपर्क और सामाजिक नेटवर्क की ताकत है।
ऐसे में राजलदेसर नगर पालिका चुनाव में इस बार मुकाबला केवल दलों के बीच नहीं, बल्कि युवा ऊर्जा, महिला मतदाताओं और पुराने सामाजिक संपर्कों के बीच भी दिलचस्प दिखाई दे रहा है।






