रतनगढ़/जयपुर। जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित 30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में रतनगढ़ के 5 भामाशाहों और 4 प्रेरकों को सरकारी विद्यालयों के विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक सहयोग देने और समाज को प्रेरित करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया गया।
समारोह में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सम्मान प्रदान किया।
इंटरएक्टिव बोर्ड प्रोजेक्ट में सहयोग देने वालों को मिला सम्मान
श्री गांधी बाल निकेतन द्वारा संचालित इंटरएक्टिव बोर्ड प्रोजेक्ट के तहत सरकारी विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए सहयोग देने वाले भामाशाहों एवं प्रेरकों को सम्मानित किया गया।
इस क्रम में 39.20 लाख रुपये का सहयोग देने वाले प्रदीप कुमार सराफ की ओर से मीनाक्षी उपाध्याय, 31.50 लाख रुपये के सहयोग के लिए मंजू सराफ एवं नमन सराफ की ओर से मृणालिनी उपाध्याय ने सम्मान प्राप्त किया।
वहीं 51.20 लाख रुपये के सहयोग के लिए प्रेरित करने पर राजीव उपाध्याय की ओर से नितेश कुमार शर्मा तथा 51 लाख रुपये के सहयोग के लिए प्रेरित करने वाली जिया उपाध्याय की ओर से सिद्धि उपाध्याय को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि जिया उपाध्याय मात्र साढ़े 17 वर्ष की आयु में सम्मानित होने वाली प्रेरक बनीं।
पंडितपुर विद्यालय के लिए सहयोग करने वालों का भी सम्मान
रतनगढ़ के पंडितपुर विद्यालय के विकास के लिए 51.40 लाख रुपये का सहयोग देने पर छतर सिंह हीरावत की ओर से मंजू हीरावत तथा उन्हें प्रेरित करने वाले सौरभ हीरावत को भी सम्मानित किया गया।
इसके अलावा 46.93 लाख रुपये का सहयोग देने पर राजीव बैद तथा 50.73 लाख रुपये के सहयोग के लिए प्रेरित करने वाले कुलदीप कुमार व्यास को भी राज्य स्तरीय समारोह में सम्मान मिला।
शिक्षा के विकास में समाज की भागीदारी को मिला सम्मान
समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में समाज की भागीदारी और सरकारी विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सशक्त बनाने में योगदान देने वाले भामाशाहों और प्रेरकों की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे सहयोग से सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और तकनीकी संसाधनों का विस्तार संभव हो रहा है।






