रतनगढ़। शहर के जिला अस्पताल में पिछले कई वर्षों से मल्टी टास्क वर्कर योजना के तहत सेवाएं दे रहे 13 कर्मचारियों को अचानक कार्यमुक्त कर दिया गया। इससे नाराज कर्मचारियों ने शुक्रवार को एसडीएम मिथिलेश कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों ने अब जिला अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों में खाली पदों पर उन्हें संविदा के आधार पर समायोजित करने की मांग की है।
दो से दस साल तक अस्पताल में दी सेवाएं
ज्ञापन में कर्मचारियों ने बताया कि प्लेसमेंट एजेंसी और संवेदक के माध्यम से नियुक्त 13 कार्मिक पिछले दो से दस वर्षों से जिला अस्पताल में लगातार सेवाएं दे रहे थे।
ये कर्मचारी अस्पताल में मरीजों की सेवा के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।
नई चतुर्थ श्रेणी भर्ती के बाद हटाया
कर्मचारियों का कहना है कि नई चतुर्थ श्रेणी भर्ती होने के बाद उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक कार्यमुक्त कर दिया गया।
अचानक नौकरी से हटाए जाने के कारण कर्मचारियों के परिवारों के सामने आर्थिक और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
रिक्त पदों पर समायोजन की मांग
कार्य से हटाए गए कर्मचारियों ने अपने लंबे अनुभव और लगातार दी गई सेवाओं को देखते हुए जिला अस्पताल, सीएचसी या पीएचसी में रिक्त समकक्ष पदों पर संविदाकर्मी के रूप में नियुक्ति देने की मांग की है।
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें वर्षों का अनुभव है और वे पहले से ही स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली से परिचित हैं। ऐसे में उन्हें रिक्त पदों पर समायोजित किया जाना राहत भरा कदम होगा।
मुख्यमंत्री सहित अधिकारियों को भेजी ज्ञापन की प्रतियां
कर्मचारियों की ओर से दिए गए ज्ञापन की प्रतियां चिकित्सा मंत्री, पूर्व विधायक अभिनेष महर्षि, जिला कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को भी भेजी गई हैं।
ज्ञापन देने के दौरान इमरान खान, सुनील, नरेंद्र, भोजराज, भगवानाराम सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।






