रतनगढ़। तहसील के हंसासर गांव से होकर गुजर रही सोलर प्लांट की हाईटेंशन लाइन से प्रभावित किसानों ने फसल खराब होने के मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान दो किसान हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गए।
बताया गया कि बीकानेर से नीमराणा तक सौर ऊर्जा की हाईटेंशन लाइन डाली जा रही है, जो हंसासर गांव से होकर गुजर रही है। इस लाइन के कारण करीब 20 किसान प्रभावित होने की बात सामने आई है।
लंबे समय से मुआवजे की मांग कर रहे थे किसान
प्रभावित किसान लंबे समय से मुआवजे की मांग कर रहे थे। किसानों के अनुसार, उन्हें कंपनी की ओर से मुआवजा देने का आश्वासन दिया जा रहा था, लेकिन लंबे समय तक केवल आश्वासन मिलने और कंपनी की ओर से काम में तेजी लाए जाने के बाद किसानों का आक्रोश बढ़ गया।
बुधवार को किसान लामबंद हुए और अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले अध्यक्ष मदनलाल जाखड़ के नेतृत्व में विरोध जताया।
दो किसान टावर पर चढ़े
किसानों के प्रदर्शन की सूचना कंपनी की ओर से पुलिस को दी गई। इसके बाद सीआई संदीप कुमार भारी पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे।
इसी दौरान प्रभावित किसान मोतीराम और कोडाराम जाट हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गए और मुआवजे की मांग को लेकर विरोध जताने लगे।
पुलिस और प्रशासन की ओर से करीब दो घंटे तक समझाइश की गई। इसके बाद दोनों किसानों को सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतारा गया।
तहसीलदार की मौजूदगी में हुई वार्ता
किसानों के टावर से नीचे उतरने के बाद तहसीलदार अंकित मिमानी के नेतृत्व में किसानों और संबंधित पक्ष के बीच वार्ता शुरू हुई।
किसान सभा के अध्यक्ष मदनलाल जाखड़ के अनुसार, बुधवार शाम तक चली वार्ता में टावर लगाने के दौरान अधिग्रहण की गई जमीन का पूरा नाप लेने और उसके आधार पर रबी व खरीफ की फसल का मुआवजा देने पर सहमति बनी।
इसके अलावा जिन किसानों के खेतों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, उन्हें भी नियमानुसार मुआवजा देने की बात पर सहमति बनी।
सहमति के बाद समाप्त हुआ आंदोलन
वार्ता में मुआवजे को लेकर सहमति बनने के बाद किसानों का आक्रोश शांत हुआ और आंदोलन समाप्त कर दिया गया।
किसानों की ओर से लंबे समय से फसल और हाईटेंशन लाइन से प्रभावित जमीन के मुआवजे की मांग की जा रही थी। वार्ता में बनी सहमति के बाद अब मुआवजे से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात कही गई है।






