रतनगढ़। संयुक्त संपत्तियों के कथित गैर-कानूनी बेचान और रजिस्ट्रियों पर रोक लगाने की मांग को लेकर सर्व सनातन समाज के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को रतनगढ़ उपखंड अधिकारी मिथिलेश कुमार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधियों ने ऐसी संपत्तियों के मामलों की जांच कराने और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने की मांग की।
विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजकुमार महर्षि ने बताया कि रतनगढ़ सहित प्रदेश के कई स्थानों पर संयुक्त संपत्तियों के कथित रूप से गैर-कानूनी बेचान और रजिस्ट्रियों की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि 19 अप्रैल 2022 को के.सी. लक्ष्मण एवं के.सी. चन्द्रप्पा मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए संयुक्त स्वामित्व वाली संपत्ति के बेचान से जुड़े नियमों की पालना सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
महर्षि ने आरोप लगाया कि ऐसी परिस्थितियों का लाभ उठाकर कुछ लोग छोटे हिस्सेदारों से हिस्सेदारी खरीदकर संपत्ति में रह रहे अन्य लोगों पर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं। इससे संपत्ति विवाद बढ़ने के साथ आमजन के अधिकारों और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर भी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष जगदेव सांखोलिया ने कहा कि ज्ञापन का उद्देश्य इस विषय को लेकर जनजागरण करना और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से कथित फर्जी एवं गैर-कानूनी रजिस्ट्रियों से संबंधित शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है।
प्रतिनिधियों ने मांग की कि ऐसी रजिस्ट्रियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जो मामले कानून एवं न्यायालय के निर्देशों के विपरीत पाए जाएं, उनमें नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपने के साथ इसकी एक प्रति तहसीलदार विवेक चौधरी को भी दी।
इस अवसर पर रामदेव चन्दनिया, राजेंद्र प्रसाद चांदगोठिया, हरीराम कड़ेल, भंवरलाल टेलर, ओम प्रकाश जांगिड़, ओम मनोहर स्वामी, अशोक वर्मा, कैलाश आत्रेय, महेंद्र शर्मा गार्ड, श्याम लाटा तथा विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री अरविंद मिश्रा सहित विभिन्न संगठनों एवं सर्व सनातन समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।






