रतनगढ़। न्यायालयों में टारगेटेड केसों के निस्तारण की कार्य योजना के विरोध में सोमवार को रतनगढ़ के अधिवक्ता लामबंद हो गए। वकीलों ने कोर्ट परिसर में धरना देकर योजना के खिलाफ विरोध जताया।
अधिवक्ताओं ने इस संबंध में राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर के मुख्य न्यायाधिपति एवं रजिस्ट्रार जनरल के नाम अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपा।
5 साल से कम पुराने मामलों को लेकर आपत्ति
अभिभाषक संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि यह योजना पहले 20 वर्ष या उससे अधिक पुराने प्रकरणों के निस्तारण के लिए शुरू की गई थी।
वकीलों का आरोप है कि अब इसमें 5 वर्ष से भी कम पुराने मामलों को शामिल किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने इसे न्यायिक प्रक्रिया की दृष्टि से अव्यावहारिक बताया।
सिर्फ संख्या पूरी करने से न्याय प्रभावित होने का तर्क
वकीलों का कहना है कि प्रकरणों के जल्द निस्तारण के लिए बनाए गए इस तरह के लक्ष्य से संख्यात्मक निस्तारण पर जरूरत से ज्यादा जोर पड़ रहा है।
उनके अनुसार, इससे गवाहों के परीक्षण, विस्तृत बहस और अन्य आवश्यक विधिक प्रक्रियाओं के लिए पर्याप्त समय प्रभावित हो सकता है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि न्याय व्यवस्था में केवल मामलों की संख्या कम करना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक मामले में निष्पक्ष और विधिसम्मत सुनवाई भी जरूरी है।
न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं पर दबाव का मुद्दा
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अस्वाभाविक लक्ष्य और दबाव के कारण न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं पर काम का अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है।
वकीलों के मुताबिक इसका असर उनके निजी जीवन और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।
सीकर, झुंझुनूं और चूरू के वकील भी कर चुके विरोध का फैसला
अधिवक्ताओं ने बताया कि हाल ही में सीकर, झुंझुनूं और चूरू के अभिभाषक संघों की संयुक्त बैठक आयोजित हुई थी।
बैठक में टारगेटेड केस निस्तारण की मौजूदा व्यवस्था का विरोध करने का निर्णय लिया गया था।
हाईकोर्ट से योजना वापस लेने की मांग
वकीलों ने मांग की है कि हाईकोर्ट की ओर से जारी टारगेटेड केस निस्तारण कार्य योजना को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
वैकल्पिक रूप से उन्होंने 10 वर्ष से कम पुराने प्रकरणों को इस सूची से बाहर रखने की मांग की है।
अध्यक्ष के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन
बार संघ अध्यक्ष प्रमोद इंदौरिया के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कोर्ट परिसर में काफी संख्या में वकील मौजूद रहे।






