रतनगढ़। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रतनगढ़ रेलवे स्टेशन पर विकास कार्य जारी हैं, लेकिन इसी बीच स्थानीय नागरिकों और यात्रियों की सुविधाओं को लेकर नई मांगें सामने आई हैं। नगर पालिका मंडल के निवर्तमान पार्षद नंदकिशोर भार्गव ने उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर मंडल के महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर स्टेशन पर विभिन्न सुविधाओं को बहाल करने और नई व्यवस्थाएं विकसित करने की मांग की है।
पुराने मुसाफिर खाने को फिर से खोलने की मांग
ज्ञापन में स्टेशन परिसर के सामने स्थित पुराने मुसाफिर खाने को पुनः शुरू करने की मांग की गई है। बताया गया कि यह स्थान बाजार के निकट होने के कारण यात्रियों के विश्राम, प्रतीक्षा और टिकट बुकिंग के लिए अत्यंत सुविधाजनक था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके बंद होने से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
हजारों लोगों के लिए फुट ओवर ब्रिज की जरूरत
रतनगढ़ स्टेशन के पूर्वी क्षेत्र में बसे करीब आठ वार्डों के हजारों परिवारों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए फुट ओवर ब्रिज निर्माण या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
वर्तमान में स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों के कारण पुराने रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
नए फुट ओवर ब्रिज पर सुविधाओं में कटौती का आरोप
ज्ञापन में स्टेशन पर निर्माणाधीन नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) पर एस्केलेटर और लिफ्ट सुविधाओं में कटौती का मुद्दा भी उठाया गया।
बताया गया कि पहले प्लेटफॉर्म संख्या 1 से 4 तक एस्केलेटर और लिफ्ट की योजना थी, लेकिन अब केवल प्लेटफॉर्म 2 और 3 पर ही लिफ्ट लगाने का प्रस्ताव है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि प्लेटफॉर्म 1 और 4 पर भी एस्केलेटर और लिफ्ट की सुविधा बहाल की जाए, ताकि बुजुर्ग, दिव्यांग और महिला यात्रियों को परेशानी न हो।
वाशिंग लाइन बहाल करने की भी मांग
ज्ञापन में रतनगढ़ स्टेशन पर पहले मौजूद 10 कोच क्षमता वाली वाशिंग लाइन को पुनः स्थापित करने का आग्रह किया गया है।
नंदकिशोर भार्गव ने कहा कि वाशिंग लाइन शुरू होने से दिल्ली, जयपुर, अजमेर और बीकानेर जैसे प्रमुख रूटों की लंबी दूरी की ट्रेनों का रखरखाव रतनगढ़ में ही संभव होगा।
इससे रेलवे की आय बढ़ेगी और यात्रियों को भी बेहतर रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा।
स्थानीय विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा
रतनगढ़ जंक्शन क्षेत्र का प्रमुख रेलवे स्टेशन है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। ऐसे में स्थानीय नागरिकों का मानना है कि स्टेशन विकास कार्यों के साथ-साथ यात्रियों की सुविधाओं और क्षेत्र की आवश्यकताओं को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।





