रतनगढ़ में श्रीप्रजापति भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक लालचंद मारोठिया ने की। बैठक का शुभारंभ भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के साथ हुआ।
इसके बाद संस्थान के संरक्षक महेश सीमार, किशनलाल घोड़ेला और ओमप्रकाश सीमार सहित मौजूद सदस्यों की सर्वसम्मति से चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई।
किशनाराम बबेरवाल दूसरी बार अध्यक्ष चुने गए
संस्थान के द्विवर्षीय चुनाव में किशनाराम बबेरवाल को निर्विरोध दूसरी बार अध्यक्ष चुना गया। इसके बाद गोपालकृष्ण निराणिया को कोषाध्यक्ष और राजेंद्र मारोठिया को मंत्री मनोनीत किया गया।
चुनाव प्रक्रिया सर्वसम्मति से पूरी होने के बाद सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।
दो साल के कार्यकाल का प्रस्तुत किया ब्यौरा
बैठक शुरू होने से पहले संस्थान के पिछले दो वर्षीय कार्यकाल का ब्यौरा सदस्यों के सामने प्रस्तुत किया गया। इसके बाद आगामी समय में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों और संस्थान की गतिविधियों को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में समाजहित से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने और संस्थान की गतिविधियों को सक्रिय रूप से संचालित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
ये सदस्य रहे मौजूद
इस अवसर पर भीमराज भोभरिया, कानाराम बबेरवाल, विष्णुदत्त लुहानीवाल, बाबूलाल बासनीवाल, ओमप्रकाश घोड़ेला, डेडराज बबेरवाल, मुरारीलाल बासनीवाल, शंकर भाटीवाल, मिलाप बासनीवाल, मदन घोड़ेला, भवानीशंकर, सीताराम भाटीवाल, योगेश भोभरिया और गोविंद नानवाल सहित कई सदस्य मौजूद रहे।






