प्रशासन की सख्ती के बाद सौर कंपनी ने मानी गलती
रतनगढ़ (चूरू)। बीकानेर से निमराना जाने वाली सौर ऊर्जा ट्रांसमिशन लाइन से प्रभावित किसानों को दिए जा रहे मुआवजे में गंभीर अनियमितताओं के मामले सामने आए थे।
कंपनी पर आरोप थे कि
- भूमि मापन में गड़बड़ी
- फसल मूल्यांकन कम दिखाना
- पेड़ों की संख्या घटाकर आंकना
- कॉरिडोर नाप में त्रुटियां
करके किसानों को नियमानुसार कम मुआवजा दिया जा रहा था।
दबाव में किसान पोल पर चढ़ा
गोरीसर क्षेत्र के किसान कानाराम अत्यधिक मानसिक दबाव में आकर
सौर ऊर्जा पोल पर चढ़ गए।
स्थिति गंभीर होने पर रतनगढ़ प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए
किसान को सुरक्षित नीचे उतारकर न्याय का भरोसा दिलाया।
किसान सभा ने उठाई आवाज
इन अनियमितताओं को अखिल भारतीय किसान सभा, जिला चूरू के उपाध्यक्ष
मदन जाखड़ ने उजागर किया।
उनके साथ
- ओमप्रकाश तालनिया
- मनीष जाखड़
ने मिलकर एसडीएम रतनगढ़ को मौके पर बुलाकर स्थिति से अवगत कराया।
प्रशासन, कंपनी और किसानों में हुई बैठक
आज एसडीएम रतनगढ़ के निर्देशन में
कंपनी, किसान सभा और प्रभावित किसानों के बीच बैठक आयोजित की गई।
बैठक में
- कंपनी ने अपनी त्रुटियां स्वीकार कीं
- किसानों को नियमानुसार संपूर्ण मुआवजा देने पर सहमति बनी
कंपनी ने आश्वासन दिया कि
आगामी 10 दिनों में मुआवजे की राशि किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी।
किसान हितैषी प्रशासन की मिसाल
इससे पूर्व गोरीसर में किसानों की बैठक में जो आश्वासन दिया गया था,
उसे आज अमल में लाकर एसडीएम रतनगढ़ ने किसान हितैषी प्रशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस पर
- किसान सभा
- प्रभावित किसानों
ने प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
