रतनगढ़। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) प्रखंड रतनगढ़ की ओर से परिषद का 62वां स्थापना दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रतनगढ़ क्षेत्र के 11 धार्मिक स्थलों पर विविध धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रमों में उद्बोधन, भजन-संकीर्तन, गरबा नृत्य, आरती और प्रसाद वितरण सहित कई आयोजन हुए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और समाजबंधुओं ने कार्यक्रमों में भाग लिया।
11 स्थानों पर हुए धार्मिक आयोजन
जन्माष्टमी के अवसर पर प्रखंड रतनगढ़ के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें काली टंकी के पास वीर हनुमान मंदिर, बाबा रामदेव मंदिर रेलवे स्टेशन, मनोहर धोरा, भानी धोरा, दास बालाजी मंदिर, संत हरिदास मंदिर, रामदेव मंदिर मकड़ीनाथ स्कूल के पास, जानकी वल्लभ मंदिर तापड़िया मंदिर, गोम जी मौसूण का कुआं स्थित हनुमान मंदिर, शिव हनुमान मंदिर धोलिया कुआं और कड़ेलों का मंदिर शामिल रहे।
इन स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भजन-संकीर्तन और आरती में हिस्सा लिया। कई जगह गरबा नृत्य का भी आयोजन हुआ, जिससे कार्यक्रमों में उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।
परिषद की स्थापना और उद्देश्यों पर चर्चा
कार्यक्रमों के दौरान वक्ताओं ने विश्व हिंदू परिषद की स्थापना, उद्देश्यों तथा सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में किए गए कार्यों के बारे में जानकारी दी।
वक्ताओं ने समाज में एकता, समरसता, संस्कार, सेवा और जागरूकता बढ़ाने में परिषद की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं से समाजहित और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया गया।
भजन-कीर्तन से गूंजे मंदिर परिसर
जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। भजन-संकीर्तन और आरती के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठे।
वहीं गरबा नृत्य ने आयोजन में उत्साह और उल्लास बढ़ाया। कार्यक्रमों के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
ये पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रमों में विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजकुमार महर्षि, प्रखंड रतनगढ़ अध्यक्ष जगदेव सांखोलिया, हरीराम कड़ेल, रामदेव चंदनिया, पीरूमल भोभरिया, सुनील शर्मा, एडवोकेट प्रवीण सींवाल, महेंद्र कुमार शर्मा गार्ड, गुलाब सांसी, कृष्ण कुमार रामावत, सत्यनारायण सेवदा, अनिल आत्रेय, ओम मनोहर स्वामी, नीर सागर कौशिक, राजेंद्र प्रसाद चांदगोठिया, लक्ष्मी देवी मंडार, सारदा देवी, रामी देवी, कन्हैयालाल बुढ़ाढ़रा, भरत मालपुरिया और पुनीत रामावत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं नागरिक मौजूद रहे।






