सरदारशहर। तहसील के भादासर दिखनादा क्षेत्र में बिजली की समस्या को लेकर किसानों का आक्रोश सामने आया।
बुधवार को सिलानी जीएसएस पर बड़ी संख्या में किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
किसानों ने नारेबाजी करते हुए कृषि कनेक्शनों पर नियमानुसार 6 घंटे नियमित और पूर्ण वोल्टेज बिजली उपलब्ध करवाने की मांग की।
6 घंटे की जगह मिल रही 2 से 3 घंटे बिजली
किसानों का आरोप है कि वर्तमान में कृषि कनेक्शनों पर केवल 2 से 3 घंटे बिजली मिल रही है।
इस दौरान भी वोल्टेज पर्याप्त नहीं रहता। किसानों के अनुसार कम वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और बिजली कटौती के कारण कृषि मोटरें ठीक से नहीं चल पा रही हैं।
किसानों ने बताया कि कई मोटरें कम वोल्टेज के कारण जल भी रही हैं।
125 कृषि कनेक्शन, खरीफ फसलों की सिंचाई प्रभावित
सिलानी जीएसएस के अंतर्गत करीब 125 कृषि कनेक्शन हैं।
बिजली की अनियमित आपूर्ति और कम वोल्टेज का सीधा असर खेतों में सिंचाई व्यवस्था पर पड़ रहा है।
किसानों के अनुसार मूंगफली, मूंग, ग्वार और बाजरा सहित खरीफ फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
समय पर सिंचाई नहीं होने से किसानों को फसल खराब होने की चिंता सता रही है।
अधिकारियों को कई बार बता चुके किसान
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि बिजली समस्या को लेकर वे बिजली विभाग के अधिकारियों और सहायक अभियंता कार्यालय को कई बार अवगत करा चुके हैं।
इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
किसानों ने मांग की कि कृषि कनेक्शनों पर निर्धारित समय के अनुसार 6 घंटे बिजली और पर्याप्त वोल्टेज उपलब्ध कराया जाए।
समाधान नहीं हुआ तो मेगा हाईवे जाम की चेतावनी
किसानों ने बिजली विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही वोल्टेज में सुधार और 6 घंटे नियमित बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
किसानों ने सरदारशहर मेगा हाईवे जाम करने की चेतावनी दी है।
बिजली विभाग ने बताया कटौती का कारण
कनिष्ठ अभियंता ओमप्रकाश ने बताया कि वर्तमान में आगे से बिजली कटौती चल रही है।
उन्होंने कहा कि इसके कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कनिष्ठ अभियंता ने किसानों की समस्या को देखते हुए जल्द समाधान का प्रयास करने की बात कही।
प्रदर्शन में ये किसान रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में किसान नेता शिवलाल सिद्ध, सुभाष जाखड़, गिरधारी गोदारा, मुकेश सिहाग, रामकुमार छीरंग, जीतू सिहाग, गोपीराम सिद्धू, कालूराम कलवा, श्रवण जाखड़ और हड़मान जाखड़ सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।






