सरदारशहर। भानीपुरा तहसील के खेजड़ा गांव में पावर ग्रिड कंपनी और किसानों के बीच मुआवजे को लेकर विवाद सामने आया है। विभिन्न मांगों को लेकर किसानों ने धरना शुरू कर दिया।
किसानों का कहना है कि पावर ग्रिड के टावर के नीचे करीब 72 मीटर जमीन प्रभावित हो रही है, जबकि उन्हें 52 मीटर के हिसाब से क्लेम दिया जा रहा है। किसानों ने प्रभावित 72 मीटर भूमि के आधार पर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
पेड़ों के मुआवजे की भी मांग
किसानों ने आरोप लगाया कि उनके खेतों में लगे पेड़ बिना अनुमति के काट दिए गए, लेकिन अभी तक पेड़ों का मुआवजा नहीं मिला है।
किसानों ने प्रशासन और पावर ग्रिड कंपनी से पूरे मामले की जांच कराने तथा काटे गए पेड़ों का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
मूंग, मोठ और बाजरे की फसल प्रभावित होने का दावा
किसानों के अनुसार पावर ग्रिड की तारों की खिंचाई के दौरान खेतों में खड़ी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। किसानों ने बताया कि खेतों में मूंग, मोठ और बाजरे की फसल खड़ी थी, जिसे नुकसान पहुंचा है।
किसानों ने प्रभावित फसलों का आकलन करवाकर फसल खराबे का उचित मुआवजा देने की मांग रखी है।
मौके पर पहुंचे कंपनी अधिकारी और पुलिस जाब्ता
धरने की सूचना मिलने पर पावर ग्रिड कंपनी के उच्च अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा।
अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उनकी मांगों को समझने का प्रयास किया। किसानों ने प्रभावित भूमि, पेड़ों और फसलों के नुकसान का उचित आकलन और मुआवजा देने की मांग दोहराई।
मांगें पूरी होने तक बातचीत नहीं करने की बात
किसान सभा के नेता रामकृष्ण छिंपा ने कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक कोई बातचीत नहीं की जाएगी।
धरने के दौरान लालचंद सारण, रेवंतराम सारण, लादूराम सारण, नानकराम गंडास, राजूराम सारण, धनाराम मेघवाल, कैलाश गोस्वामी, शयोचंद सारण, देवीलाल नाई, बंसीलाल गंडास, काशीराम सारण, नंदलाल गिरी और पतराम नाई सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।






