सरदारशहर। नगर परिषद चुनाव-2026 में शहर के 55 वार्डों के नतीजे सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल नगर परिषद में बोर्ड गठन को लेकर है। चुनाव परिणामों में भाजपा 25 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है।
वहीं कांग्रेस ने 22 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि 8 निर्दलीय प्रत्याशी विजयी रहे हैं। 55 सदस्यीय नगर परिषद में बहुमत के लिए 28 पार्षदों का समर्थन जरूरी है।
यानी भाजपा बहुमत के आंकड़े से सिर्फ 3 सीट दूर है, जबकि कांग्रेस को बोर्ड बनाने के लिए 6 निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी।
सरदारशहर नगर परिषद का सीट गणित
| दल | जीती सीटें | बहुमत से दूरी |
|---|---|---|
| भाजपा | 25 | 3 |
| कांग्रेस | 22 | 6 |
| निर्दलीय | 8 | किंगमेकर |
| कुल | 55 | बहुमत: 28 |
इस आंकड़े ने चुनाव परिणाम के बाद निर्दलीय पार्षदों की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बना दिया है।
भाजपा सबसे बड़ा दल, लेकिन बहुमत के लिए निर्दलीयों की जरूरत
सीटों के लिहाज से भाजपा का पलड़ा फिलहाल भारी है। भाजपा के पास 25 पार्षद हैं और बहुमत के लिए तीन और समर्थन की जरूरत है।
ऐसे में भाजपा के सामने कम से कम 3 निर्दलीय पार्षदों को अपने साथ जोड़ने की चुनौती होगी। यदि तीन निर्दलीय भाजपा के पक्ष में आते हैं तो सदन में उसका आंकड़ा 28 तक पहुंच जाएगा।
दूसरी ओर कांग्रेस के पास 22 सीटें हैं। कांग्रेस को बहुमत के लिए 6 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन हासिल करना होगा।
8 निर्दलीय पार्षद बने किंगमेकर
सरदारशहर के चुनाव परिणामों में सबसे दिलचस्प स्थिति 8 निर्दलीय पार्षदों के जीतने से बनी है।
इन 8 पार्षदों का समर्थन जिस ओर जाएगा, बोर्ड गठन का समीकरण उसी दिशा में मजबूत हो सकता है। भाजपा को जहां तीन निर्दलीयों की जरूरत है, वहीं कांग्रेस को छह निर्दलीयों को अपने पक्ष में करना होगा।
यदि निर्दलीय पार्षद एकजुट रहते हैं, तो उनके पास नगर परिषद की सत्ता के गठन को प्रभावित करने की महत्वपूर्ण राजनीतिक ताकत होगी।
सभापति की कुर्सी पर भी टिकी निगाहें
अब सरदारशहर की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल सभापति कौन बनेगा? का है।
भाजपा 25 सीटों के साथ सबसे बड़ा दल है, इसलिए शुरुआती राजनीतिक गणित में उसका पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है। लेकिन बहुमत से तीन सीट दूर होने के कारण निर्दलीय पार्षदों का समर्थन उसके लिए अहम होगा।
कांग्रेस भी 22 सीटों के साथ मुकाबले में है और उसे भाजपा की तुलना में अधिक निर्दलीयों को अपने पक्ष में करना होगा।
अंतिम तस्वीर निर्दलीय पार्षदों के रुख और सभापति पद के निर्वाचन के दौरान ही साफ होगी। सिर्फ मौजूदा सीटों के आंकड़ों के आधार पर अभी यह तय नहीं किया जा सकता कि सभापति किस दल का होगा।
चुनाव परिणाम के दौरान पुलिस रही मुस्तैद
चुनाव परिणाम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। डीएसपी कुलदीप वालिया और थाना अधिकारी धीरेंद्र सिंह शेखावत सहित पुलिस जाब्ता मौके पर मौजूद रहा।
परिणाम घोषित होने के बाद किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस की ओर से निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
अब शुरू होगा सियासी जोड़-तोड़ का दौर
चुनाव परिणाम आने के बाद अब सरदारशहर नगर परिषद में बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
भाजपा के पास सबसे अधिक 25 सीटें हैं, लेकिन तीन निर्दलीयों के समर्थन के बिना वह बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकती। कांग्रेस को इससे भी बड़ा रास्ता तय करना होगा और छह निर्दलीयों को अपने साथ लाना होगा।
ऐसे में अगले कुछ दिनों में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहने वाली है।
सत्ता की चाबी किसके हाथ?
सरदारशहर नगर परिषद के 55 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 28 है। भाजपा को बहुमत के लिए 3 निर्दलीयों, जबकि कांग्रेस को 6 निर्दलीयों की जरूरत है।
अब नजरें उन 8 निर्दलीय पार्षदों पर हैं। कौन भाजपा के साथ जाता है, कौन कांग्रेस का समर्थन करता है और कौन स्वतंत्र रुख अपनाता है—इसी से तय होगा कि सरदारशहर नगर परिषद की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी।






