सरदारशहर। राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना के सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को आदर्श पब्लिक स्कूल, किसान छात्रावास के पास जल संरक्षण विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने जल संरक्षण और पानी की उपयोगिता से जुड़े विषयों पर अपने विचार निबंध के माध्यम से प्रस्तुत किए।
रूही ने हासिल किया प्रथम स्थान
निबंध प्रतियोगिता में रूही ने प्रथम स्थान हासिल किया। गुंजन और सिद्धी ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि फातिमा तृतीय स्थान पर रहीं।
विद्यार्थियों को बताया पानी बचाने का महत्व
सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता इकाई के बाबू लाल ने विद्यार्थियों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि “जल है तो कल है” और पानी की बर्बादी रोकना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जल संकट का समाधान जल संरक्षण से ही संभव है। पानी जीवन की प्रत्येक गतिविधि के लिए आवश्यक है, इसलिए इसका उपयोग आवश्यकता के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
छोटी आदतों से बचाया जा सकता है पानी
बाबू लाल ने विद्यार्थियों को पानी बचाने के कई व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने कहा कि फर्श को पाइप से धोने के बजाय पोछे का इस्तेमाल किया जा सकता है। सेविंग करते समय नल को खुला नहीं छोड़ना चाहिए और मग में पानी लेकर सेव करना चाहिए।
उन्होंने लीकेज और टपकते नलों को तुरंत ठीक कराने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से बड़ी मात्रा में पानी बचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बच्चे जल संरक्षण में अहम भूमिका निभा सकते हैं और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी पानी बचाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
स्कूल में ऐसी गतिविधियों पर दिया जोर
विद्यालय की संचालक डॉ. कविता लाटा ने कहा कि स्कूल में इस तरह की गतिविधियां लगातार आयोजित होनी चाहिए, ताकि बच्चों और आमजन में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़े।
कार्यक्रम में विद्यालय शिक्षिका कोमल पारीक ने सहयोग प्रदान किया।






