सुजानगढ़। शहर में सोमवार रात और मंगलवार सुबह हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में कुल आठ लोग घायल हो गए। दोनों हादसों में दो मोटरसाइकिलों की भिड़ंत हुई। घायलों को सुजानगढ़ के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार किया गया। इनमें एक घायल को गंभीर चोटों के कारण हायर सेंटर रेफर किया गया।
सूजला कॉलेज तिराहे पर दो मोटरसाइकिलों की भिड़ंत
पहला हादसा सोमवार रात सूजला कॉलेज तिराहे के पास हुआ। यहां दो मोटरसाइकिलों की टक्कर में तीन युवक घायल हो गए।
घायलों में एक मोटरसाइकिल पर सवार गोपाल पुत्र बालाराम जाट, उम्र 34 वर्ष, निवासी जसवंतगढ़ और रामचंद्र पुत्र पूसाराम जाट, उम्र 49 वर्ष, निवासी खानपुर शामिल हैं। दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार सौरभ पुत्र सुरजाराम प्रजापत, उम्र 27 वर्ष, निवासी कातर छोटी भी घायल हुए।
मौके से गुजर रहे लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस और टीम हारे का सहारा के संयोजक श्याम स्वर्णकार को दी। इसके बाद श्याम स्वर्णकार और एंबुलेंस चालक भरत की मदद से घायलों को सुजानगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया।
सौरभ को चोट अधिक होने के कारण हायर सेंटर रेफर किया गया। सूचना पर जसवंतगढ़ थाने के हेड कांस्टेबल महेश कुमार भी मौके और अस्पताल पहुंचे तथा घटना की जानकारी ली।
जानकारी के अनुसार सौरभ अपने दोस्त के साथ सीकर से नई मोटरसाइकिल लेकर गांव जा रहा था। इसी दौरान सूजला कॉलेज तिराहे के पास उसकी मोटरसाइकिल दूसरी मोटरसाइकिल से टकरा गई।
डीटीओ ऑफिस के पास 5 लोग घायल
दूसरा हादसा मंगलवार सुबह हनुमानगढ़-किशनगढ़ मेगा हाईवे पर डीटीओ ऑफिस के पास हुआ। यहां दो मोटरसाइकिलों की भिड़ंत में पांच लोग घायल हो गए।
एक मोटरसाइकिल पर सुजानगढ़ से छापर की ओर जा रहे हड़मान पुत्र बालाराम माली, उम्र 27 वर्ष और उनकी पत्नी तुलसी, उम्र 26 वर्ष, निवासी छापर सवार थे।
दूसरी मोटरसाइकिल पर बीदासर की ओर से आ रहे हमीद पुत्र नानूदिन निवारिया, उम्र 55 वर्ष, उनकी पत्नी बल्केश, उम्र 50 वर्ष और बेटी फरजाना, उम्र 20 वर्ष, निवासी बीदासर सवार थे। हादसे में पांचों घायल हो गए।
हादसे की सूचना पर छापर पुलिस मौके पर पहुंची। दुर्घटना किस वजह से हुई, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
टीम हारे का सहारा की मदद से अस्पताल पहुंचाया
घायलों को परिवहन विभाग के निरीक्षक सुभाष, भवानी सिंह, टीम हारे का सहारा के संयोजक श्याम स्वर्णकार और अन्य लोगों की मदद से सुजानगढ़ के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। यहां सभी घायलों का उपचार शुरू किया गया।
घायलों का उपचार डॉ. रामरत्न बिस्सू, डॉ. लियाकत अली, रामरख, सुशीला आदि ने किया।






