तारानगर नगरपालिका चुनाव 2026 को लेकर सोमवार को चूरू में 35 वार्डों की आरक्षण लॉटरी निकाली गई। जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा की मौजूदगी में पर्ची के माध्यम से लॉटरी प्रक्रिया पूरी कराकर नगरपालिका के सभी 35 वार्डों की आरक्षण स्थिति तय की गई।
लॉटरी के बाद तारानगर नगरपालिका के वार्डों में सामान्य, ओबीसी, एससी और महिला वर्ग के लिए आरक्षण की तस्वीर साफ हो गई है। अब संभावित प्रत्याशी अपने-अपने वार्ड की आरक्षण स्थिति के अनुसार चुनावी तैयारियों में जुट सकते हैं।
तारानगर के 35 वार्डों का आरक्षण तय
जारी सूची के अनुसार सामान्य, सामान्य महिला, ओबीसी, ओबीसी महिला, एससी और एससी महिला श्रेणियों में वार्ड निर्धारित किए गए हैं।
वार्ड नंबर 1 ओबीसी, 2 सामान्य, 3 ओबीसी, 4 एससी, 5 एससी, 6 सामान्य, 7 एससी महिला, 8 सामान्य, 9 सामान्य महिला, 10 सामान्य, 11 सामान्य महिला, 12 सामान्य महिला, 13 सामान्य, 14 सामान्य महिला, 15 सामान्य महिला, 16 सामान्य, 17 सामान्य, 18 सामान्य महिला, 19 सामान्य महिला, 20 सामान्य, 21 ओबीसी महिला, 22 सामान्य, 23 एससी महिला, 24 ओबीसी महिला, 25 एससी, 26 सामान्य, 27 ओबीसी, 28 सामान्य, 29 सामान्य, 30 सामान्य महिला, 31 ओबीसी, 32 सामान्य, 33 ओबीसी, 34 सामान्य और 35 सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हुए हैं।
देखें तारानगर के 35 वार्डों की पूरी सूची
| आरक्षण श्रेणी | वार्ड नंबर |
|---|---|
| सामान्य | 2, 6, 8, 10, 13, 16, 17, 20, 22, 26, 28, 29, 32, 34, 35 |
| सामान्य महिला | 9, 11, 12, 14, 15, 18, 19, 30 |
| ओबीसी | 1, 3, 27, 31, 33 |
| ओबीसी महिला | 21, 24 |
| एससी | 4, 5, 25 |
| एससी महिला | 7, 23 |
| कुल | 35 वार्ड |
महिला आरक्षण में 12 वार्ड
तारानगर नगरपालिका की आरक्षण सूची में कुल 12 वार्ड महिला आरक्षण के तहत आए हैं। इनमें 8 सामान्य महिला, 2 ओबीसी महिला और 2 एससी महिला वार्ड शामिल हैं।
वहीं सामान्य वर्ग के 15 वार्ड, ओबीसी वर्ग के कुल 7 वार्ड और एससी वर्ग के 5 वार्ड हैं। महिला सीटों को संबंधित वर्ग के भीतर शामिल किया गया है।
आरक्षण के बाद तेज होगी चुनावी तैयारी
वार्डों की आरक्षण लॉटरी निकलने के बाद अब तारानगर नगरपालिका चुनाव को लेकर संभावित प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। आरक्षण तय होने से कई दावेदारों के लिए चुनाव लड़ने की स्थिति स्पष्ट हो गई है।
खासकर महिला, ओबीसी और एससी के लिए आरक्षित वार्डों में संबंधित वर्ग के संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता बढ़ सकती है। वहीं सामान्य वार्डों में भी दावेदार अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट सकते हैं।
अब सभी की नजरें आगामी चुनाव कार्यक्रम और नामांकन प्रक्रिया पर रहेंगी।






