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शेखावाटी विवि में रिसर्च मेथोडोलॉजी कार्यशाला शुरू, 341 शोधार्थी शामिल

Education News (एजुकेशन समाचार) : शेखावाटी विवि में रिसर्च मेथोडोलॉजी कार्यशाला शुरू, 341 शोधार्थी शामिल

सीकरपंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर में
सोमवार को रिसर्च मेथोडोलॉजी (शोध प्रविधि) विषय पर
चार दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।

कार्यशाला का उद्घाटन
मां सरस्वती और
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर के समक्ष
दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

कुलगुरु प्रो. अनिल राय का संदेश

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए
विश्वविद्यालय के कुलगुरु
प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार राय ने कहा

“शोध कार्यों में किसी भी प्रकार का शॉर्टकट नहीं अपनाना चाहिए।
अच्छे शोध के लिए निरंतर परिश्रम और सजगता आवश्यक है।”

उन्होंने कहा कि
यदि शोधार्थी सक्रिय और सतर्क रहेगा,
तो शोध के परिणाम भी उत्कृष्ट और उपयोगी होंगे।
शोधार्थियों को केवल समस्या बताने तक सीमित नहीं रहना चाहिए,
बल्कि समाधान प्रस्तुत करना चाहिए,
तभी शोध सार्थक माना जाएगा।

अनुसंधान को मूल्य-आधारित बनाएं : प्रो. अग्रवाल

कार्यशाला के मुख्य वक्ता
प्रख्यात शिक्षाविद् एवं
एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर
प्रो. एलएनसी अग्रवाल रहे।

उन्होंने कहा

“आंकड़े कभी झूठ नहीं बोलते,
बल्कि हम उनसे झूठ बुलवाते हैं।”

प्रो. अग्रवाल ने शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि

  • शोध उन विषयों पर भी होता है जिन्हें सीधे नापा नहीं जा सकता
  • इसके लिए विभिन्न शोध विधियों का सहारा लेना पड़ता है
  • अनुसंधान को समाजोपयोगी और मूल्य-आधारित बनाना जरूरी है

341 शोधार्थियों ने कराया पंजीकरण

कार्यशाला के आयोजन सचिव एवं
विश्वविद्यालय के रिसर्च निदेशक प्रो. राजेंद्र सिंह ने बताया कि
इस कार्यशाला में
विश्वविद्यालय के करीब 341 शोधार्थियों ने पंजीकरण कराया है।

उन्होंने कहा कि
इस तरह की कार्यशालाएं
शोधार्थियों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं,
जिससे वे शोध की बारीकियों को बेहतर ढंग से समझ सकें।

SPSS समेत शोध टूल्स का मिलेगा प्रशिक्षण

चार दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में

  • SPSS सहित विभिन्न शोध टूल्स की जानकारी
  • प्रायोगिक (Practical) प्रशिक्षण
  • शोध कार्य में टूल्स के वास्तविक उपयोग की विधि
    पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया जाएगा।

इसका उद्देश्य यह है कि
शोधार्थी सीखी गई तकनीकों को
अपने शोध कार्य में प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।

8 जनवरी को होगा समापन

कार्यशाला का समापन
8 जनवरी को किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि
प्रो. एलएनसी अग्रवाल को
शोध एवं शिक्षण के क्षेत्र में
दीर्घ अनुभव प्राप्त है और
वे कई विश्वविद्यालयों में
विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।

कई संकायों के सदस्य रहे उपस्थित

इस अवसर पर

  • मीडिया प्रभारी डॉ. महेश गुप्ता
  • डॉ. बीएस राठौड़
  • विभिन्न संकायों के फैकल्टी मेंबर्स,
  • शोधार्थी एवं विद्यार्थी
    बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।