मुंबई,अनिल बेदाग। राजस्थानी फिल्म ‘ओमलो’ ने 3 जुलाई को वेव्स ओटीटी पर रिलीज होने के बाद लगातार दो सप्ताह तक नंबर 1 ट्रेंडिंग पोजिशन पर बने रहने का दावा किया है। फिल्म की कहानी 120 से अधिक देशों के दर्शकों तक पहुंची है, जबकि IMDb पर इसे 8.2 की रेटिंग और 24 अवॉर्ड्स मिले हैं।
राजस्थान की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म इंसानी रिश्तों, संघर्ष और जिंदगी की जटिलताओं को भावनात्मक अंदाज में सामने रखती है। इसकी कहानी और प्रस्तुति दर्शकों से जुड़ने की कोशिश करती है।
120 से अधिक देशों तक पहुंची ‘ओमलो’
‘ओमलो’ की कहानी राजस्थान की जमीन से निकलकर अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंची है। फिल्म का वेव्स ओटीटी पर लगातार दो सप्ताह तक नंबर 1 ट्रेंडिंग पोजिशन पर बने रहना इसकी मौजूदा लोकप्रियता को रेखांकित करता है।
फिल्म को IMDb पर 8.2 की रेटिंग मिली है। इसके अलावा फिल्म के खाते में 24 अवॉर्ड्स भी बताए गए हैं, जो इसके सफर को खास बनाते हैं।
रिश्तों और संघर्ष की कहानी
‘ओमलो’ राजस्थान की सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में इंसानी रिश्तों, संघर्ष और जीवन की जटिलताओं को पिरोती है। फिल्म की कहानी क्षेत्रीय परिवेश को केंद्र में रखते हुए मानवीय भावनाओं को सामने लाती है।
फिल्म में शंभो महाजन, सोनू रणदीप चौधरी और सोनाली शर्मिष्ठा प्रमुख भूमिकाओं में हैं। इसके निर्माण से रोहित माखीजा, मनीष गोपलानी, नेहा पांडे और सोनू रणदीप चौधरी जुड़े हैं।
क्षेत्रीय सिनेमा के लिए बढ़ता दायरा
‘ओमलो’ की ओटीटी पर पहुंच इस बात की मिसाल है कि क्षेत्रीय भाषा की कहानियां डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंच सकती हैं। राजस्थान की पृष्ठभूमि और स्थानीय संवेदनाओं से जुड़ी फिल्म ने अब अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।






