झुंझुनूं, जिलेभर से आई आशा सहयोगिनियों ने
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष मंजू लालपुरिया ने किया।
फील्ड कर्मचारी, फिर भी नहीं मिल रहा अधिकार
प्रदर्शनकारी आशा सहयोगिनियों ने कहा कि वे
फील्ड कर्मचारी होने के बावजूद
सरकार के लगभग सभी स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
इसके बावजूद उन्हें
न तो राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया गया है
और न ही सम्मानजनक वेतन मिल रहा है।
26 हजार न्यूनतम मजदूरी की मांग
आशा सहयोगिनियों ने मांग की कि
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न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 26,000 रुपये प्रतिमाह की जाए
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राज्य कर्मचारियों का दर्जा दिया जाए
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सामाजिक सुरक्षा और स्थायित्व सुनिश्चित किया जाए
मूल कार्य से हटकर कराया जा रहा काम
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि
उनसे उनके मूल दायित्वों से हटकर अन्य विभागीय कार्य भी कराए जा रहे हैं।
जबकि आशा सहयोगिनियों का मुख्य उद्देश्य
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शिशु मृत्यु दर में कमी
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मातृ मृत्यु दर में कमी
लाना है।
उन्होंने मांग की कि उनसे केवल स्वास्थ्य से जुड़े कार्य ही कराए जाएं।
कलेक्टर को सौंपा मांग पत्र
प्रदर्शन के बाद आशा सहयोगिनियों ने
अपनी सभी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा
और शीघ्र समाधान की मांग की।
जयपुर में आंदोलन की चेतावनी
आशा सहयोगिनियों ने साफ कहा कि
यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई,
तो वे राजधानी जयपुर में भी बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगी।
पहले भी हो चुका है प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि
इससे पहले ब्लॉक स्तर पर भी आशा सहयोगिनियों द्वारा प्रदर्शन किया जा चुका है,
लेकिन अब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ है।
