Hindi News / General News / सीकर में CHO इंसेंटिव पर सख्ती: आंकलन बाद ही भुगतान

,

सीकर में CHO इंसेंटिव पर सख्ती: आंकलन बाद ही भुगतान

General News : सीकर में CHO इंसेंटिव पर सख्ती: आंकलन बाद ही भुगतान

सीकर में जिला स्वास्थ्य समिति की अहम बैठक

चिकित्सा विभाग की जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक शुक्रवार को
अतिरिक्त जिला कलेक्टर भावना शर्मा की अध्यक्षता में
जिला कलेक्ट्रेट सभागार, सीकर में आयोजित की गई।

बैठक में चिकित्सा विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की गई।

CHO इंसेंटिव पर स्पष्ट निर्देश

एडीएम भावना शर्मा ने निर्देश दिए कि:

  • कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) को
     इंसेंटिव का भुगतान कार्य के वास्तविक आंकलन के बाद ही किया जाए

  • बिना कार्य निष्पादन के
     इंसेंटिव भुगतान नहीं किया जाए

यह निर्देश निदेशालय स्तर से जारी गाइडलाइन के अनुरूप दिए गए।

योजनाओं की रैंकिंग सुधारने पर जोर

बैठक में एडीएम ने निर्देश दिए कि:

  • NCD कार्यक्रम

  • निःशुल्क दवा योजना

  • लाडो प्रोत्साहन योजना

  • JSY सहित अन्य योजनाएं

इन सभी योजनाओं में जिले की रैंकिंग में सुधार किया जाए और
 रेगुलर मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो।

नव प्रसूताओं को 48 घंटे में लाभ देने के निर्देश

उन्होंने कहा कि:

  • अस्पताल में भर्ती नव प्रसूताओं को
     लाडो प्रोत्साहन योजना
     जननी सुरक्षा योजना (JSY)

का लाभ दिलाने से संबंधित सारा पेपरवर्क 48 घंटे के भीतर पूरा किया जाए।

BCMO को लक्ष्य अनुसार कार्य करने के निर्देश

कार्यवाहक CMHO व डिप्टी CMHO डॉ. निर्मल सिंह ने सभी BCMO को निर्देश दिए कि:

  • NCD सर्वे, स्क्रीनिंग व फॉलोअप

  • ANC जांच

  • संस्थागत प्रसव

  • टीकाकरण

  • निःशुल्क दवा योजना

  • परिवार कल्याण कार्यक्रम

 सभी में लक्ष्य के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि काम नहीं करने वाले कर्मचारियों को रिलीव कर CMHO कार्यालय भेजा जाए

कम उपलब्धि वाले ब्लॉकों को चेतावनी

जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विशाल सिंह ने:

  • ANC पंजीकरण

  • 12 सप्ताह में ANC पंजीकरण

  • चार ANC जांच

  • टीकाकरण

  • संस्थागत प्रसव

  • RBSK स्क्रीनिंग

की ब्लॉक व संस्थानवार समीक्षा की।

कम उपलब्धि वाले BCMO को
 निदेशालय स्तर से चार्जशीट व नोटिस की कार्रवाई से अवगत कराते हुए
 तुरंत सुधार के निर्देश दिए गए।

एनीमिया और FCM इंजेक्शन पर फोकस

डॉ. विशाल सिंह ने बताया कि:

  • एनीमिया पीड़ित महिलाओं व गर्भवती महिलाओं को
     FCM इंजेक्शन अनिवार्य रूप से लगाए जाएं

  • नीमकाथाना जिला अस्पताल में
     जिले में सर्वाधिक महिलाओं को लाभान्वित किया गया है।

NQAS सर्टिफिकेशन पर चिंता

एडीशनल CMHO डॉ. हर्षल चौधरी ने बताया कि:

  • जिले के केवल 50% संस्थान ही NQAS सर्टिफाइड हैं

  • दो ब्लॉकों में एक भी संस्थान सर्टिफाइड नहीं है

उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • पहले स्तर पर संस्थान का स्व-मूल्यांकन

  • उसके बाद जिला टीम द्वारा एसेसमेंट

  • और 50 संस्थानों के नाम जिला मुख्यालय भेजे जाएं

टीबी उन्मूलन अभियान की समीक्षा

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रतनलाल ने बताया कि:

  • नीमकाथाना ब्लॉक में
     हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन उपलब्ध हो चुकी है

  • संभावित व पूर्व टीबी मरीजों का
     एक्स-रे अनिवार्य रूप से किया जाए

उन्होंने CBNAAT जांच की ब्लॉकवार प्रगति की जानकारी भी दी।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में प्रमुख रूप से:

  • डॉ. राजेश मीणा – प्रभारी, जनाना अस्पताल

  • जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल

  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी

  • BCMO
    उपस्थित रहे।