जयपुर: तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ोतरी का स्वागत
केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026–27 में सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी स्ट्रक्चर 28 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत किए जाने पर राजस्थान स्टेट ईएनटी एसोसिएशन ने केंद्र व राज्य सरकार का आभार जताया है।
एसोसिएशन ने कहा कि इस फैसले से तंबाकू उत्पादों के उपयोगकर्ता हतोत्साहित होंगे, जिससे खपत में कमी आएगी और राज्य व देश में तंबाकू से होने वाली मौतों पर अंकुश लगेगा।
हर साल 77 हजार मौतें राजस्थान में
राजस्थान स्टेट ईएनटी एसोसिएशन के सचिव एवं सवाई मानसिंह चिकित्सालय, जयपुर में कान-नाक-गला विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पवन सिंघल ने बताया कि
राजस्थान सहित देशभर में तंबाकू और सिगरेट से होने वाली बीमारियों के कारण हर साल लाखों लोगों की अकारण मौत हो जाती है।
उन्होंने बताया कि
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राजस्थान में हर वर्ष 77 हजार से अधिक मौतें
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देशभर में करीब 13.5 लाख मौतें
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विश्व स्तर पर 80 लाख से अधिक मौतें
तंबाकू जनित बीमारियों के कारण होती हैं।
राजस्थान में 24.7% लोग तंबाकू यूजर
डॉ. सिंघल ने ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि
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राजस्थान में 24.7 प्रतिशत लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं
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13.2 प्रतिशत धूम्रपान करते हैं
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पुरुष: 22%
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महिलाएं: 3.7%
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14.1 प्रतिशत लोग चबाने वाले तंबाकू उत्पाद लेते हैं
चिंताजनक तथ्य यह भी है कि
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राजस्थान में प्रतिदिन 300 से अधिक बच्चे
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देश में 5500 बच्चे रोजाना
तंबाकू सेवन शुरू कर देते हैं।
नया एक्साइज ड्यूटी स्ट्रक्चर क्या है
डॉ. सिंघल ने बताया कि बजट 2026 में
पहले:
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28% GST + Compensation Cess
अब:
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40% तक GST
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सिगरेट की लंबाई के अनुसार प्रति स्टिक अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी
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संबंधित सेस
इससे सिगरेट और तंबाकू उत्पाद महंगे होंगे और उपयोगकर्ता इससे दूर होंगे।
कैंसर मरीजों को राहत
डॉ. सिंघल ने बताया कि बजट में कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत भी दी गई है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने 17 जीवनरक्षक दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से मुक्त करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती होंगी।
पहले भी उठाई गई थी मांग
उन्होंने बताया कि पूर्व में राजस्थान स्टेट ईएनटी एसोसिएशन की ओर से
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केंद्र सरकार
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राज्य सरकार
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मुख्यमंत्री
को तंबाकू से होने वाली बीमारियों की रोकथाम और तंबाकू उत्पादों पर सख्त नियंत्रण को लेकर पत्र एवं मांग पत्र सौंपे गए थे।
