प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी इंडोनेशिया यात्रा के दौरान मंगलवार को जकार्ता में इंडोनेशियाई संसद को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक संबंधों, रणनीतिक साझेदारी और आपसी विश्वास को मजबूत बनाने पर जोर दिया। इसी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग रिपब्लिक इंडोनेशिया एडिपुर्णा’ से भी सम्मानित किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इंडोनेशिया में जहां-जहां वे गए और जिन लोगों से मिले, वहां भारत के प्रति प्रेम, सम्मान और आत्मीयता स्पष्ट दिखाई दी। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
‘कुछ-कुछ होता है’ से दिया दोस्ती का संदेश
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बॉलीवुड फिल्म के लोकप्रिय गीत ‘कुछ-कुछ होता है’ का उल्लेख करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में भारत-इंडोनेशिया संबंधों को नई परिभाषा दी।
उन्होंने कहा, “मैंने देखा कि यहां भारत का गाना ‘कुछ-कुछ होता है’ बहुत लोकप्रिय है। मैंने राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो से कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया साथ मिलकर चलते हैं, तब ‘कुछ-कुछ’ से भी आगे बढ़कर ‘बहुत कुछ’ होता है।” प्रधानमंत्री के इस बयान पर संसद में मौजूद लोगों ने गर्मजोशी से प्रतिक्रिया दी।
सर्वोच्च नागरिक सम्मान से हुए सम्मानित
जकार्ता के मेर्डेका पैलेस में आयोजित विशेष समारोह में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग रिपब्लिक इंडोनेशिया एडिपुर्णा’ से सम्मानित किया।
यह सम्मान दोनों देशों के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों, सहयोग और प्रधानमंत्री मोदी के वैश्विक नेतृत्व को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
भारत-इंडोनेशिया साझेदारी पर दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और इंडोनेशिया केवल रणनीतिक साझेदार ही नहीं, बल्कि साझा इतिहास, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े दो मित्र राष्ट्र हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।






