सेवानिवृत्त प्राध्यापक ने वैज्ञानिक खेती से रचा कीर्तिमान
उदयपुरवाटी। (कैलाश बबेरवाल) झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी कस्बे के वार्ड नंबर एक निवासी सेवानिवृत्त प्राध्यापक जगदीश प्रसाद सैनी इन दिनों अपनी अनोखी खेती को लेकर चर्चा में हैं।
शिक्षा जगत में दशकों तक सेवा देने के बाद अब वे उन्नत कृषि तकनीक के माध्यम से क्षेत्र में नई पहचान बना रहे हैं।
ढाई फीट लंबी गाजर बनी आकर्षण का केंद्र
जगदीश प्रसाद सैनी ने अपने फार्म हाउस पर वैज्ञानिक पद्धति से ढाई फीट लंबी गाजर का उत्पादन किया है।
आमतौर पर गाजर की लंबाई कुछ इंच तक सीमित रहती है, लेकिन इस विशेष पैदावार ने स्थानीय किसानों और आमजन को अचंभित कर दिया है।
यह गाजर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे देखने उनके फार्म हाउस तक पहुंच रहे हैं।
पहले भी बटोर चुके हैं सुर्खियां
यह पहली बार नहीं है जब सैनी चर्चा में आए हों। इससे पहले भी वे अपने घर के बगीचे में केलों की शानदार पैदावार के लिए सुर्खियां बटोर चुके हैं।
वे परंपरागत खेती से हटकर आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों का प्रयोग करते हैं, जिससे बेहतर उत्पादन संभव हो पाया है।
“खेती विज्ञान है, सही तकनीक जरूरी”
प्रगतिशील कृषक जगदीश प्रसाद सैनी का कहना है
“खेती केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि एक विज्ञान है। अगर सही तकनीक और लगन का मेल हो, तो हमारी मिट्टी सोना उगल सकती है।”
उनकी सोच और मेहनत अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
शिक्षा से कृषि तक प्रेरक सफर
करीब चार वर्ष पूर्व स्कूल शिक्षा विभाग से प्राध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए सैनी ने यह साबित कर दिया है कि रिटायरमेंट अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है।
उनकी उपलब्धि न केवल स्थानीय किसानों में उत्साह भर रही है, बल्कि युवाओं को भी आधुनिक नजरिए से खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
