अखिल भारतीय किसान महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक गुरुवार को झुंझुनूं के सामुदायिक विकास भवन में आयोजित हुई। बैठक में देशभर के किसान नेताओं ने भाग लिया और 20-21 सितंबर 2026 को पंजाब के जालंधर में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही सम्मेलन से पहले 10 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य भी तय किया गया।
बैठक की अध्यक्षता सांसद कामरेड सुदामा प्रसाद सहित अध्यक्षमंडल के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने की।
शहीदों और दिवंगत नेताओं को दी श्रद्धांजलि
बैठक की शुरुआत विभिन्न राज्यों के दिवंगत किसान नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, फिलिस्तीन और ईरान में मारे गए नागरिकों, नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में जान गंवाने वाले युवाओं तथा ऑपरेशन सिंदूर में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देकर की गई।
15 राज्यों के किसान नेताओं ने रखे विचार
बैठक में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड सहित 15 राज्यों के किसान नेताओं ने भाग लिया। विभिन्न वक्ताओं ने खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों, किसानों की चुनौतियों और संगठन की आगामी रणनीति पर अपने विचार रखे।
राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद राजाराम सिंह ने केंद्र सरकार की कृषि नीतियों की आलोचना करते हुए किसान हितों के मुद्दों पर अन्य किसान संगठनों के साथ संयुक्त संघर्ष को और मजबूत करने का आह्वान किया।
जालंधर सम्मेलन में तय होगी आगे की रणनीति
बैठक में निर्णय लिया गया कि “खेत, खेती, किसान बचाओ, कॉर्पोरेट लूट का राज मिटाओ” अभियान के तहत 20-21 सितंबर को जालंधर में राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन से पहले देशभर में सदस्यता अभियान चलाकर 10 लाख नए सदस्य बनाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा।





