झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी में गुरुवार को आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं ने बढ़ते कार्यभार और ओबीसी सर्वे का अतिरिक्त दायित्व सौंपे जाने के विरोध में उपखंड कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए ओबीसी सर्वे का कार्य तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन में उदयपुरवाटी, गुढ़ागौड़जी और चंवरा सेक्टर की बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
‘4 घंटे की ड्यूटी, लेकिन रात 10 बजे तक करना पड़ता है काम’
ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने कहा कि नियमानुसार उनकी ड्यूटी चार घंटे की है, लेकिन व्यवहार में उन्हें देर रात तक कार्य करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि शालापूर्व शिक्षा, ऑनलाइन खाद्य वितरण, बच्चों की वृद्धि निगरानी, मातृ वंदना योजना, ओटीपी आधारित सैनिटरी नैपकिन वितरण, आभा आईडी, अपार आईडी, टीकाकरण, होम विजिट, विभिन्न सर्वे और फेस कैप्चर सहित कई ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कार्य लगातार करवाए जा रहे हैं।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल फोन भी तकनीकी रूप से पर्याप्त नहीं हैं, जिससे ऑनलाइन कार्य करने में और अधिक समय लगता है।
शासन सचिव के आदेशों का दिया हवाला
कार्यकर्ताओं ने कहा कि 8 जुलाई 2026 को जारी आदेश के तहत उन्हें ओबीसी सर्वे का अतिरिक्त कार्य सौंपा गया है, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग के शासन सचिव द्वारा 6 जुलाई 2022 को जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश हैं कि आंगनबाड़ी कार्मिकों को गैर-आईसीडीएस कार्यों में नहीं लगाया जाए।
उनका कहना है कि इसके बावजूद प्रशासन द्वारा अतिरिक्त जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, जिससे नियमित कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
आंदोलन की दी चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा सहयोगिनियां मौजूद रहीं। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि ओबीसी सर्वे का अतिरिक्त कार्य वापस नहीं लिया गया तो वे आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होंगी।






